रेल नीर 15 रुपये, बासी भोजन और गंदगी: इटारसी जंक्शन के औचक निरीक्षण में बड़ा खुलासा

इटारसी। भोपाल मंडल के महत्वपूर्ण जंक्शन, इटारसी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। रेलवे उपभोक्ता सलाहकार समिति के सदस्य निलेश कुमार श्रीवास्तव के औचक निरीक्षण में स्टेशन पर वेंडर माफिया की भरमार और खाद्य सुरक्षा मानदंडों के खुलेआम उल्लंघन का खुलासा हुआ है।

15 रुपये में ‘रेल नीर’ और खुले में बिकता बासी भोजन

श्री श्रीवास्तव ने लगभग 5 घंटे तक प्लेटफार्म क्रमांक 1 से 7 तक निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के मुख्य बिंदुओं को रेखांकित करते हुए बताया।

रेल नीर की मनमानी कीमत : आधिकारिक रेट के बावजूद, उपभोक्ताओं को अभी भी ‘रेल नीर’ पीने का पानी 15 रुपए में बेचा जा रहा है, जो वेंडर माफिया के एकाधिकार और मनमानी को दर्शाता है।

खुले में भोजन निर्माण : प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर ही पोहा खुलेआम बनाया जा रहा था और प्लास्टिक के बोरों में पैक किया जा रहा था। इसी तरह, बने हुए चावल की स्थिति भी संदिग्ध थी, जिसकी गुणवत्ता जांच के दायरे में है।

जनता भोजन नदारद : श्री श्रीवास्तव ने इस बात पर जोर दिया कि स्टेशन पर यात्रियों के लिए सस्ती दर पर उपलब्ध कराया जाने वाला ‘जनता भोजन’ न के बराबर है। पूछने पर वेंडरों ने बताया कि ग्राहक इसकी मांग नहीं करते, इसलिए वे इसे नहीं रखते हैं। जो उपलब्ध है, वह मात्र एक छोटी सी प्लास्टिक की पॉलिथीन में रखा मिला।

शाकाहारी और मांसाहारी भोजन की एक रसोई

निरीक्षण में भोजन की स्वच्छता और तैयारी के तरीके पर सबसे गंभीर सवाल उठे हैं-

वेज-नॉनवेज का घालमेल : स्टेशन पर एक भी ऐसा रेस्टोरेंट नहीं मिला जहां केवल शाकाहारी भोजन बेचा जाता हो। सभी स्टॉलों पर वेज और नॉनवेज भोजन एक साथ बेचा जा रहा है।

किचन की व्यवस्था पर संदेह : श्री श्रीवास्तव ने संदेह व्यक्त किया कि वेज और नॉनवेज भोजन के लिए अलग-अलग किचन की व्यवस्था नहीं है और ऐसा प्रतीत होता है कि दोनों एक ही पात्र में बन रहे होंगे, जो शाकाहारी उपभोक्ताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।

भोजन में मक्खी और गंदगी : समोसे, इडली, सांभर और रायता जैसी वस्तुएं खुले आम रखी मिलीं। एक स्टॉल पर तो अंडे की तरी में मक्खी तक देखी गई, जो स्वच्छता की बदहाल स्थिति को बयां करती है।

गंदगी में चटनी के केन : पानी पीने के स्थानों के नीचे गंदगी में चटनी के केन पाए गए, जो एक भयावह और अस्वच्छ दृश्य था।

अतिक्रमण और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली

श्री श्रीवास्तव ने परिसर में वेंडरों द्वारा अतिक्रमण किए जाने और स्टेशन की बुनियादी सुविधाओं की खराब स्थिति को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि प्लेटफार्म क्रमांक 6 का एक वेंडर प्लेटफार्म 3 पर अपना सामान बेच रहा था, जो वेंडर माफिया के एकाधिकार को दर्शाता है। इसके अलावा, प्लेटफार्म क्रमांक 4 के ब्रिज से पानी टपकता हुआ पाया गया। स्टेशन प्रबंधक ने इस पर जवाब दिया कि ब्रिज को तोडक़र दोबारा बनाया जाएगा। लगभग 2 लाख यात्रियों के प्रतिदिन आवागमन वाले इस महत्वपूर्ण जंक्शन पर यात्रियों को ठंडे समोसे और ठंडी रोटियां खाने को मिल रही हैं।

जिम्मेदार पर होगी कड़ी कार्रवाई

निलेश श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि वह इस औचक निरीक्षण की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रेलवे बोर्ड और भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी को सौंपेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी जिम्मेदार होगा उस पर कड़ी कार्रवाई होगी और वह आगे भी स्टेशन का निरीक्षण करते रहेंगे।

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