छतरपुर। गौशाला परिसर में आयोजित बागेश्वर महाराज के साधना शिविर में इस बार 73 पंजीकृत परिवार भाग ले रहे हैं, जहां प्राकृतिक और शांत वातावरण में साधक योग, ध्यान और पौराणिक ज्ञान के माध्यम से तनावमुक्त जीवन का अनुभव कर रहे हैं। शिविर की शुरुआत भगवान राम राजा के चित्र के सामने दीप प्रज्वलित कर की गई।
सुबह ब्रह्म मुहूर्त में बागेश्वर महाराज साधकों को योग, ध्यान और मानसिक शांति से जुड़े अभ्यास करा रहे हैं। पहले दिन उन्होंने साधकों को हनुमान के बीज मंत्र का अभ्यास कराया और मार्ग शोधन, निर्विचार साधना, विकार मुक्त प्रक्रिया, नाभि से ‘हूं’ उच्चारण और त्राटक जैसी गहन साधनाएँ कराईं।
गौशाला परिसर में जहां साधक भक्ति और साधना में लीन हैं, वहीं वैज्ञानिक भी मानसिक ऊर्जा और आत्मज्ञान से जुड़े पहलुओं पर शोध कर रहे हैं। शिविर में शामिल साधकों के लिए नौ महत्वपूर्ण नियम निर्धारित किए गए हैं, जिनमें कम बोलना, अधिक एकांत में समय बिताना, मोबाइल का सीमित उपयोग, शुद्ध आहार और ब्रह्मचर्य पालन प्रमुख हैं। साथ ही उन्हें केवल आवश्यकता अनुसार भोजन लेने की सलाह दी गई है।
बागेश्वर महाराज ने बताया कि शिविर समाप्त होने के बाद साधकों को 62 दिनों तक घर पर साधना जारी रखने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि शिविर में प्राप्त ऊर्जा और सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक बने रहें।
