भारत अभूतपूर्व प्रगति की दहलीज पर, नवाचार के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है : उप राष्ट्रपति

पुट्टपर्थी (आंध्र प्रदेश), 22 नवंबर (वार्ता) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शनिoर को कहा श्री सत्य साईं बाबा ने एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की कल्पना की थी जहाँ सेवा एक दायित्व नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक तरीका हो – एक ऐसी प्रणाली जो निस्वार्थता, निष्ठा और उत्कृष्टता के लिए प्रतिबद्ध मनुष्यों का पोषण करे।

वह यहां प्रशांति निलयम में श्री सत्य साईं इंस्टीट्यूट ऑफ हायर लर्निंग के 44वें दीक्षांत समारोह में लोगों को संबोधित कर रहे थे। उपराष्ट्रपति ने शांति और सद्भाव के प्रतीक के रूप में श्री सत्य साईं बाबा द्वारा स्थापित सर्व धर्म स्तूप वाले विश्वविद्यालय के प्रतीक चिन्ह के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने चरित्र निर्माण, ज्ञान और सभी धर्मों और परंपराओं के प्रति सम्मान पर संस्थान के प्रयासों की सराहना की।

भारत के परिवर्तनकारी विकास के बारे में बोलते हुए, उप राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र अभूतपूर्व प्रगति की दहलीज पर खड़ा है, नवाचार के वैश्विक केंद्र और सतत विकास एवं शांति के प्रतीक के रूप में उभर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किए गए दूरगामी सुधारों, विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर प्रकाश डाला, जिसने समग्र संकाय विकास, महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे में निवेश, डिजिटल उपकरणों को अपनाने और बेहतर शिक्षण परिणामों के माध्यम से उच्च शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि देश भर के उच्च शिक्षा संस्थान बहु-विषयक अनुसंधान और उत्कृष्टता की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं, जिससे भारत ज्ञान सृजन, तकनीकी उन्नति और समावेशी शैक्षणिक प्रगति में वैश्विक अग्रणी बन रहा है। उन्होंने अनुसंधान में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

श्री सत्य साईं बाबा के इस कथन – “मानव मूल्यों का विकास ही सच्ची शिक्षा है” को उद्धृत करते हुए अपने संबोधन का समापन करते हुए, उपराष्ट्रपति ने स्नातक छात्रों से इस गहन संदेश को अपने जीवन का मार्गदर्शक बनाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मानव संसाधन विकास, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री, आंध्र प्रदेश सरकार, नारा लोकेश, एसएसएसआईएचएल के कुलाधिपति के. चक्रवर्ती, अन्य गणमान्य व्यक्ति, शिक्षण संकाय के सदस्य, छात्र और अभिभावक उपस्थित थे।

 

 

Next Post

जी 20 देशों ने आतंकवाद सहित सभी वैश्विक चुनौतियों का मिलकर मुकाबला करने पर सहमति जताई

Sat Nov 22 , 2025
जोहान्सबर्ग 22 नवम्बर (वार्ता) जी 20 देशों के नेताओं ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए जलवायु परिवर्तन सहित सभी वैश्विक चुनौतियों का मिलकर मुकाबला करने पर सहमति व्यक्त की है। जी 20 देशोंं के नेताओं का 20 वां शिखर सम्मेलन शनिवार को यहां शुरू […]

You May Like