मेरे मम्मी पापा मेरे भगवान है उन्हें थोड़ी भी तकलीफ़ पहुँचाने की कोशिश भी मत करना वरना इंडिया आकर अपनी ताक़त दिखाऊँगी मैं तुझे समझा अमित शाह भी बचा नहीं पाएंगे !!
तेरी लड़ाई मुझ से है ना मुझ से लड़ पूरे देश में मेरे ख़िलाफ़ FIR करा मेरी हत्या करा दे जो करना है कर पर मेरे परिवार… pic.twitter.com/6BdPJ9E0IG
— Dr. Rohini Ghavari ( रोहिणी ) (@DrRohinighavari) November 21, 2025
धोखेबाज़ एहसान फ़रामोश आदमी 🤮🤮🤮
जिन माँ बाप ने इतना प्यार सम्मान दिया जिस माँ के हाथ की रोटी खायी तूने अब उनको जेल भेजने की धमकी दे रहा है !!
तेरी दुश्मन थी नहीं लेकिन अब जानी दुश्मन बन गई हूँ अब तुझे पूरी तरह से ख़त्म करूँगी तू देख बस अब !!
जब बात माँ बाप पर आती है तो बच्चे… pic.twitter.com/KymB02KQfP— Dr. Rohini Ghavari ( रोहिणी ) (@DrRohinighavari) November 21, 2025
नई दिल्ली, 22 नवंबर, 2025: आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के संस्थापक और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। उनकी कथित पूर्व गर्लफ्रेंड और रिसर्च स्कॉलर डॉ. रोहिणी घावरी ने उन्हें खुला चैलेंज देते हुए कहा है कि वह उन्हें पूरी तरह से खत्म करने के लिए इंडिया आ रही हैं। अब तक सोशल मीडिया के जरिए चंद्रशेखर को निशाना बनाने वाली रोहिणी ने पहली बार भारत आने की बात कही है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में तीखी भाषा का प्रयोग करते हुए कहा कि उन्हें अमित शाह भी नहीं बचा पाएँगे।
माता-पिता को धमकी देने का आरोप
रोहिणी घावरी ने एक अन्य पोस्ट में चंद्रशेखर ‘रावण’ पर उनके माता-पिता को जेल भेजने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा, “धोखेबाज़ एहसान फ़रामोश आदमी जिन मां बाप ने इतना प्यार सम्मान दिया… अब उनको जेल भेजने की धमकी दे रहा है।” उन्होंने कहा कि वह दुश्मन नहीं थीं, लेकिन अब जानी दुश्मन बन गई हैं। रोहिणी घावरी पिछले कुछ समय से चंद्रशेखर पर पूर्व संबंधों को लेकर लगातार आरोप लगा रही हैं और कुछ दिन पहले उन्होंने महिला आयोग में भी शिकायत दर्ज कराई थी।
कौन हैं डॉ. रोहिणी घावरी?
डॉ. रोहिणी घावरी एक पीएचडी स्कॉलर हैं और वर्तमान में पिछले पांच साल से स्विट्जरलैंड में जॉब कर रही हैं और वहाँ एक एनजीओ चलाती हैं। उन्होंने 2019 में उच्च शिक्षा के लिए स्विट्जरलैंड जाने की बात कही थी, जहाँ उन्हें 1 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली थी। रोहिणी पहली बार तब चर्चा में आई थीं जब उन्होंने यूनाइटेड नेशंस में अपनी स्पीच की शुरुआत ‘जयश्री राम’ से की थी। उनकी यह घोषणा अब एक बड़ी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की ओर इशारा कर रही है।
