इंदौर: पुलिस-प्रशासन की लापरवाही इतनी बढ़ चुकी है कि अब सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालय कुछ खास मामलों में स्वतः संज्ञान लेने लगी है. फिर भी नौकरशाही के कान में जू तक नहीं रेंग रही. आज भी शहर के कई मुख्य मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश जारी है.हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शहर के स्ट्रीट डॉग पर अदेश जारी किया था. इसके बाद अब उच्च न्यायालय ने शहर के बेलगाम यातायात पर अधिकारियों को तलब कर लिया. ऐसी ख़बरों से यह लग रहा है कि आराम करने वाले अधिकारियों के बुरे दिन आ चुके है या यूं कहे कि लापरवाही की अब हद हो चुकी है.
भारी वाहनों से बढ़ती दुर्घनाओं से यातायात विभाग आज भी सबक नहीं सिख रहा है. वह सिर्फ अपने टारगेट को पूरा करने में लगा रहता है जबकि भारी वाहनों का प्रवेश निषेध होने के बावजूद ले-दे कर उन्हें छोड़ा जा रहा और यहां घोर लापरवाही है. इसी तरह की गै¸र-जिम्मेदाराना के चलते अब तक कई घटनाओं में मसूमों की जान जा चुकी है. चंदन नगर, बड़ा कालानी नगर, राजेन्द्र नगर, भंवर कुआं. तीन ईमली, पालदा, लसूड़िया, एमआर-10, बापट चौराहा, बाणगंगा- यह शहर में प्रवेश के मुख्य मार्ग है जहां से आमजनता का बड़ी संख्या में आना जाना लगा रहता है. ऐसे में यातायात विभाग द्वारा फिर से अनदेखी करना बड़ी अनहोनी को दावत देना है.
इनका कहना है
अब ऐसा तो नहीं हो सकता कि हर बात के लिए आज जनता न्यायालय की शरण में जाए. यह तो संबंधित विभाग को चाहिए कि वह अपने कार्य में लापरवाही न करें.
– रेहान खान
पिछले कुछ वर्षों से शहर की सड़कों पर यातायात का भार अधिक बढ़ रहा है लेकिन इसके मुताबिक विभाग का अमला आज भी कम पड़ता है जो अव्यवस्था का मुख्य कारण है.
– विपिन शर्मा
लापरवाही और नियमों की सख्ती की जाए तो लगभग सड़क दुर्घनाओं में बड़ी कमी आएगी. भारी वाहनों के प्रवेश के लिए आज तक नीति नहीं बनाई गई जो बड़ी लापरवाही है.
– नवीन भाटिया
