इंदौर: शहर में सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में उपचार के दौरान एक महिला मरीज को एक्सपायरी डेट की बोतल चढ़ाने का गंभीर मामला सामने आया है. बोतल लगाए जाने के ठीक बाद परिवार की नजर बोतल के लेबल पर लिखी तारीख पर पड़ी, जिसके बाद हंगामा मच गया और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया.
जानकारी अनुसार, महिला को पेट में संक्रमण और पानी भरने की शिकायत के बाद 12 नवंबर को एमवाय अस्पताल के मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया था.
इलाज के दौरान जब नर्स ने ड्रिप की बोतल स्टैंड पर लगाई, तभी मरीज के परिजन की नजर बोतल पर पड़ी. उस पर अगस्त 2025 की एक्सपायरी डेट दर्ज थी. परिजन ने तुरंत ही स्टॉफ का ध्यान इस ओर दिलाया, जिसके बाद एक्सपायरी बोतल हटाकर दूसरी बोतल लगा दी गई. इसी दौरान मौजूद परिजन ने पूरी स्थिति का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.
अस्पताल प्रबंधन की भूमिका सवालों के घेरे में
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे. मीडिया द्वारा पूछे जाने पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने स्वीकार किया कि बोतल लगाने के समय ही स्टॉफ को एक्सपायरी डेट की जानकारी लग गई थी, जिसके बाद उसे तुरंत बदला गया. उन्होंने कहा कि अस्पताल में एक्सपायरी दवाओं और सामग्री का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है और इस संबंध में स्टोर का भी परीक्षण कराया गया है. यदि कहीं पर भी एक्सपायरी स्टॉक मिलता है तो उसका तुरंत निस्तारण किया जाएगा. अधीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी गई है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री विजयवर्गीय ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश
घटना पर नगरीय प्रशासन मंत्री ने भी कड़ा रुख दिखाते हुए अपनी कड़ी नाराजगी दिखाई है. उन्होंने कहा कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाली किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मामले में बारीकी से जांच हो और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
