
झाबुआ। पारा के ग्राम बलोला के 5 परिवारों के करीब 25 सदस्यों ने बुधवार को फिर से अपनी घर वापसी की। धर्म रक्षक संयोजक और एसटी मोर्चा के जिला महामंत्री वालसिंह मसानिया ने बताया बलोला ग्राम के बारिया तथा टोकरियां परिवार के 5 परिवार के करीब 25 सदस्य अलग -अलग कारणों से अन्य धर्म मे मतांतरित हो गए थे। ये परिवार करीब 5 वर्षो तक ईसाई धर्म अपना रहे थे। लेकिन लगातार समझाइश के बाद मतांतरित परिवार के मुखिया ने फिर से हिन्दू धर्म मे आने की बात कही। बुधवार को राकेश बारिया, बदू बरिया, रमेश डामोर, इंदरसिंह बारिया, मोहन बारिया, दिनेश निंगवाल, जुवान सिंह बारिया, दिनेश टोकरिया तथा कई ग्रामीण इन सभी परिवारों के घर पहुंचे। ग्रामीणों ने आदिवासी संस्कृति और हिन्दू धर्म की मूल बाते विस्तार से बताई। ग्रामीणों ने समझाया कि थोड़ी सी लालच के चक्कर मे कई बार हम अपनी मूल संकृति से दूर हो जाते हैं। लेकिन देर आये दुरुस्त आये की तर्ज़ पर कोई परिवार फिर से अपने धर्म को अपनाता है तो न केवल सम्पूर्ण ग्राम बल्कि सभी क्षेत्रवासी उस परिवार का अभिनंदन करते हैं। मतांतरित परिवार के प्रमुखों
मडीया जुवान सिंह टोकरिया, जितेंद्र डूंगरसिंह सिंगाड, कम्मू गुलसिंह बारिया
शंकर रमेश सिंगाड, पिडू भुरू डामोर ने बताया कि हमे बीमारी ठीक करने के नाम पर फुसलाया गया। फिर धीरे धीरे हम मिशनरी व्यवस्था में गुलाम हो गए। लेकिन जैसे ही हमने देखा कि धर्म बदलने के बाद जो हमारे अपने थे वे हमसे लगातार दूर हो गए। आज हम सभी परिवारों ने हिन्दू धर्म मे वापसी की है। वालसिंह मसानिया ने बताया कि अंग्रेज पहले व्यापार के नाम पर आए थे और धीरे धीरे अपनी संख्या बढ़ाते देश को गुलाम कर लिया था। आज मिशनरी भी यही कर रही है, बीमारी, निर्धनता तथा अन्य कई तरह के लालच देकर उन आदिवासियों को निशाना बनाते हैं जो वास्तव में बहुत भोले होते हैं। मिशनरी की इसी रीतिनीति की वजह से जिले में ईसाइयों की संख्या हजारो से लाखों में पहुंच गई है।
हनुमान जी मंदिर में जय श्री राम के जयकारे लगाए
बुधवार को मतांतरित हुए परिवारों के प्रमुखों का बारिया फलिया स्थित हनुमान मंदिर पर स्वागत किया गया। मतांतरित हुए सभी परिवारों के प्रमुखों ने हनुमान जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जय श्री राम का घोष किया। इसके बाद ग्रामीणों ने सभी लोगो को माला पहनाई। परिवार प्रमुखों ने कहा कि हमारे साथ ही हमारे घर के बाकी सदस्य भी अब से हिन्दू धर्म को मानेंगे। साथ ही फिर से मतांतरित होने की बात पर उन्होंने मनाही की।
