किसान सम्मान निधि से छत्तीसगढ़ के 24 लाख से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिला – मुख्यमंत्री साय

धमतरी 19 नवंबर (वार्ता) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बुधवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त जारी होने से राज्य के 24 लाख 70 हजार 640 किसानों को सीधा लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि 494 करोड़ रुपये की राशि किसानों, वनपट्टाधारी हितग्राहियों एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों के बैंक खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने इस योजना में दो लाख 75 हजार नए किसानों को पंजीकृत कर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को अधिक मजबूत और किसान-हितैषी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर रही है तथा किसानों को 21 क्विंटल प्रति एकड़ तक बेचने की अनुमति दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष 149 लाख टन धान की खरीदी हमारे किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रारंभिक वर्षों में धान खरीदी केवल पांच लाख टन हुआ करती थी, जो अब कई गुना बढ़ गई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार ने कृषक उन्नति योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें दलहन, तिलहन और मक्का फसलों को शामिल किया है। उन्होंने कहा कि धान फसल में लाभ ले चुके किसान यदि इन फसलों की खेती करेंगे तो उन्हें भी योजना का पूरा लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ रेगहा , बटाई, लीज तथा डूबान क्षेत्र के किसानों को भी दिया जा रहा है, जिससे कृषि आधारित आजीविका को सीधा बल मिल रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी बताया कि पिछले 22 महीनों में लगभग सवा लाख करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों के खातों में अंतरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के दो सप्ताह के भीतर 13 लाख किसानों को 3,716 करोड़ रुपये बोनस के रूप में दिया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मोटे अनाज के मिलेट मिशन को दिए गए बढ़ाए गए महत्व से छत्तीसगढ़ के परंपरागत कोदो-कुटकी, रागी उत्पादकों को बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने जशपुर जिले में स्वसहायता समूहों द्वारा बनाए जा रहे ”जशप्योर” ब्रांड के उत्पादों का उदाहरण देते हुए कहा कि ”महुआ लड्डू, कोदो-कुटकी आधारित उत्पाद पूरे देश में लोकप्रिय हो रहे हैं।”

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ जैविक खेती की अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है, क्योंकि जनजातीय क्षेत्रों में रासायनिक खादों का न्यूनतम उपयोग हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से लंबित 115 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे लाखों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।उन्होंने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर में कटौती से ट्रैक्टरों और कृषि मशीनरी की खरीदी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि ”कई व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल यह बताते हैं कि GST कटौती के बाद किसानों की खरीद क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।”

कार्यक्रम का समापन किसानों के प्रति आभार और छत्तीसगढ़ के ग्रामीण एवं कृषि विकास की निरंतरता बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।

 

 

Next Post

निर्वाचन कार्य में लापरवाही करना शिक्षक को पड़ा भरी एक साल की रोकी गई वेतन वृद्धि

Wed Nov 19 , 2025
उमरिया। जिले में निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति उदासीनता दिखाने पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने सख्त कार्रवाई की है। शासकीय माध्यमिक शाला बिछिया, विकासखण्ड करकेली के प्रा. शिक्षक मान सिंह उद्दे पर एक वर्ष की वार्षिक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने की सज़ा अधिरोपित की गई है। यह […]

You May Like