ग्वालियर: जीवाजी विश्वविद्यालय के सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी सेंटर में लगातार बदलती दुनिया और जीवनशैली का हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य की भूमिका और उसकी चुनौतियों पर प्रकाश डालना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. साधना श्रीवास्तव ने बताया कि आज के समय में तेज़ी से बदलते परिवेश, डिजिटल जीवनशैली, सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव और प्रतिस्पर्धा ने युवाओं के साथ-साथ सभी आयु वर्ग के लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि चिंता, तनाव, अनिद्रा, अकेलापन और अवसाद जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं, जिनसे निपटने के लिए जागरूकता और परस्पर संवाद बेहद आवश्यक है।
अध्यक्षता कर रहे कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि मानसिक स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति के संपूर्ण विकास की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मन ही बेहतर निर्णय लेने, लक्ष्य निर्धारित करने और जीवन में सकारात्मकता बनाए रखने में सहायक होता है। कुलसचिव प्रो. राकेश कुशवाह ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लगातार भागदौड़ और असंतुलित जीवनचर्या के कारण तनाव का स्तर बढ़ रहा है, जिससे युवाओं में व्यवहारिक परिवर्तन, चिड़चिड़ापन और कार्यक्षमता में कमी देखी जा रही है। उन्होंने छात्रों को योग, ध्यान, संतुलित दिनचर्या, डिजिटल डिटॉक्स अपनाने के लिए कहा।
