
ग्वालियर। भाजपा महानगर ग्वालियर विधि प्रकोष्ठ की कार्यशाला अधिवक्तित्व कला पर उच्च न्यायालय परिसर में हुई। कार्यशाला के मुख्य वक्ता अधिवक्ता आलोक शर्मा थे। अध्यक्षता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक धर्मेंद्र नायक ने की तथा मुख्य अतिथि अधिवक्ता प्रकाश ब्रारू थे ।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता अधिवक्ता आलोक शर्मा ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि व्यावहारिक उदाहरणों के साथ बताया कि एक सफल अधिवक्ता अपने तर्कों को किस प्रकार व्यवस्थित कर न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि अधिवक्तित्व कला का आशय उस कौशल, व्यवहार और विधिक दक्षता से है जिसके माध्यम से एक अधिवक्ता अपने पक्षकार के हितों की प्रभावी पैरवी करता है।
विवाद से जुड़े सभी तथ्य, दस्तावेज, साक्ष्य इत्यादि एकत्र करना।
श्री शर्मा ने कहा कि वाद की भाषा को स्पष्ट, तार्किक और कानून सम्मत बनाना। न्यायालय में आत्मविश्वास और शालीनता के साथ तर्क रखना। तथा न्यायाधीश के प्रश्नों का सटीक और त्वरित उत्तर देना एवं विपक्षी पक्ष के तर्कों का प्रभावी खंडन करना। शर्मा ने कार्यशाला में अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि वे आज दिए गए व्याख्यान के महत्त्वपूर्ण बिंदुओं का अनुसरण कर अपने न्यायालयीन कार्य में उत्कृष्टता लाएँ। प्रदेश सह-संयोजक दिलीप अवस्थी ने भी विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला में नितिन अग्रवाल, मयंक बाजपेई, रवि जैन, दिलीप तोमर सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता शिवेंद्र सिंह रघुवंशी ने किया।
