
भोपाल: नरेला विधानसभा क्षेत्र में मतदाता पुनरीक्षण के दौरान कथित अनियमितताओं का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के अनुसार रतन कॉलोनी स्थित मात्र 800 वर्गफीट के एक मकान में 108 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए हैं।
बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) धनिशा कुशवाहा जब सत्यापन के लिए मौके पर पहुंचीं तो वहां केवल श्रीमती फूलबाई साहू अपने तीन सदस्यीय परिवार के साथ निवास करती मिलीं। दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि इसी पते पर 108 अलग-अलग मतदाताओं के नाम दर्ज हैं। निरीक्षण के दौरान मौजूद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने जब बीएलओ से इसका कारण पूछा तो उन्होंने स्वीकार किया कि यह प्रविष्टियां गलत हैं।
शुक्ला ने इस मामले को चुनावी पारदर्शिता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
इसी दौरान एक अन्य मामले में शुक्ला ने अल्पसंख्यक बस्तियों में मतदाताओं को दो के स्थान पर केवल एक सर्वे फॉर्म दिए जाने पर भी आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि बूथ लेवल अधिकारी अंजू मंडराई द्वारा यह फॉर्म भाजपा कार्यालय के पास बैठकर वितरित किए जा रहे थे, जिससे अविश्वास का माहौल बन रहा है।
शुक्ला ने कहा कि अल्पसंख्यक मतदाताओं को जानबूझकर गलत या अधूरी जानकारी दी जा रही है, जिसके चलते भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। यदि ऐसी स्थितियां जारी रहीं तो बड़ी संख्या में वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से विलोपित हो सकते हैं।
कांग्रेस ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग से नरेला में टीम भेजकर विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
निरीक्षण के दौरान अभिनव बरोलिया, विक्रम चौधरी, शेरियार खान, मोहद रियाज़, दानिश शब्बीर खान, युवराज सिंह राय, दीपक दीवान सहित कई नेता मौजूद रहे।
