नयी दिल्ली 18 नवम्बर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु वित्त के संसाधनों के बारे में स्थिति स्पष्ट किये जाने पर जोर देते हुए कहा है कि अभी वैश्विक जलवायु वित्त को अधिक पारदर्शी और समान मानकों के साथ नया रूप देने का अच्छा अवसर है।
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का एक लेख साझा करते हुए मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह बात कही। उन्होंने कहा कि लेख में भारत के जलवायु वित्त वर्गीकरण के मसौदे और बढ़ते घरेलू हरित वित्त को व्यावहारिक नेतृत्व के उदाहरणों के रूप में स्पष्ट किया गया है जो भविष्य के लिए एक अधिक प्रभावी वैश्विक संरचना का मार्गदर्शन कर सकते हैं।
इससे पहले श्री यादव ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अपना लेख साझा करते हुए कहा था ,” दशकों से जलवायु वित्त पर अस्पष्टता ने विश्वास को कमज़ोर किया है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया को याद दिलाया, ” जैसे हम जलवायु शमन पर नज़र रखते हैं, वैसे ही हमें जलवायु वित्त पर भी नज़र रखनी चाहिए। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित इस लेख में मैंने कहा है ,” जलवायु वित्त को ठीक करने का समय आ गया है।”
