मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
बिहार विधान सभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद प. बंगाल चुनाव के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही भाजपा के सामने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मुश्किल पैदा कर दी. हाल ही में आगर-मालवा में बिरसा मुंडा जयंती कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज सुधारक बंगलावासी राजा राम मोहन राय पर विवादित टिप्पणी कर दी थी. इसके बाद प. बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी को मुद्दा मिल गया और इसे बंगाल के गौरव का अपमान बताते हुए भाजपा को घेरने की रणनीति बना ली. जब भाजपा इस बार बंगाल चुनाव में टीएमसी को मात देने की जी-तोड़ कोशिश में लगी है तो ऐसे समय परमार का बयान उसे नागवार लगा. भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मामले की गंभीरता को देखते हुए परमार को फटकार के साथ कड़ा संदेश दिया.
मंत्री इंदर सिंह परमार ने आनन-फानन राजा राम मोहन राय को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान पर माफी मांग ली और पश्चाताप जताया. उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि वह अपने बयान को लेकर दुखी हैं और माफी मांगते हैं. वे धर्मांतरण की तात्कालीन प्रक्रिया को रोकने और समाज को इससे बचाने के लिए बिरसा मुंडा की प्रशंसा करना चाहते थे, लेकिन आवेश में गलती से राजा राम मोहन राय पर जबान फिसल गई. डेमेज कंट्रोल में जुटे भाजपा नेतृत्व ने परमार के साथ ही पार्टी कर्ताधर्ताओं को हिदायद दे दी है कि सोच समझ कर बोलें, ऐसा कोई बयान न दें जिससे पार्टी को मुसीबत उठाना पड़े.
बड़े अपराधों में संलिप्त हो रहा निमाड़
निमाड़ क्षेत्र कभी प्रतिबंधित संगठन सिमी की गतिविधियों के मामले में कुख्यात रहा है. कई कारनामें गवाह है. यहां के कुछ युवा इसमें भ्रमित और लिप्त मिले थे. इनमें से कुछ ने देश भर में बड़े कांड को अंजाम भी दिया. अब नई गतिविधि में खंडवा के नकली नोटकांड के तार मालेगांव जैसे शहर से जुड़ रहे हैं. यह घटनाक्रम दिक्कत देने वाले हैं. मालेगांव पहले विस्फोट के कारण चर्चित रहा है. अब यहां जाली नोट के जालसाज महाराष्ट्र पुलिस की गिरफ्त में आए. पूछताछ हुई तो निमाड़ पर भी नकली नोट खपाने के सुराग मिले. खंडवा जिले के जावर थाना क्षेत्र में पैठिया गांव के मदरसे में रह रहे जुबेर नाम के युवा से 16 लाख रुपए के नकली 500 के नोट मिलने से सनसनी हो गई. निमाड़ क्षेत्र गांजा तस्करी व अवैध हथियारों के बनाने तथा खरीद-फरोख्त में भी बदनाम रहा है. अब बड़े पैमाने पर नकली नोट पकड़ाने के बाद देश भर की जांच एजेंसियों के टारगेट पर खंडवा व निमाड़ आ गया है.
कलसिंह भाबर चर्चा में
राजनीतिक नियुक्तियों में झाबुआ जिले का नंबर लग सकता है. बिहार चुनाव निपटते ही फिर निगम मंडलों में नियुक्तियों की चर्चा तेज हो गई है. बताया जा रहा है कि दिल्ली तक चर्चा पूरी हो चुकी है और निगम मंडलों में नियुक्तियों की शुरुआत अब होने वाली है. थांदला के पूर्व विधायक और भाजपा अजजा मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कल सिंह भाबर को गरीमापूर्ण पद मिलने की संभावना बताई जा रही है. चुंकि निगम-मंडलों में होने वाली नई नियुक्तियों का आधार केवल राजनीतिक न होकर क्षेत्रीय और जातीय संतुलन पर भी टिका रहेगा, माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस संतुलन को साधने के लिए चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियां करेंगे, इसे देखते हुए कल सिंह भाबर को लेकर क्षेत्रवासियों में ज्यादा उम्मीद दिख रही है
