
नई दिल्ली, 18 नवंबर 2025: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना वाले प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। प्रस्ताव के समर्थन में 13 वोट पड़े, जबकि रूस और चीन अनुपस्थित रहे। इस प्रस्ताव से योजना को बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय जनादेश मिल गया है। इस अमेरिकी-मसौदे वाले प्रस्ताव में इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स (ISF) के गठन को अधिकृत किया गया है।
गाजा में ISF के गठन का प्रस्ताव
अमेरिकी राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने परिषद को बताया कि ISF को “इलाके को सुरक्षित करने, गाजा के असैन्यीकरण का समर्थन करने, आतंकवादी बुनियादी ढांचे को खत्म करने, हथियार हटाने और फिलिस्तीनी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने” का काम सौंपा जाएगा। ट्रम्प के प्रस्ताव के तहत हमास को अपने हथियार सौंपने होंगे। यह बल गाजा के दक्षिणी पड़ोसी मिस्र और इजरायल के साथ अपने संचालन का समन्वय भी करेगा।
हमास ने प्रस्ताव को बाहरी हस्तक्षेप बताकर नकारा
प्रस्ताव को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन मिलने के बावजूद, हमास ने इसे पूरी तरह से खारिज कर दिया है। हमास ने इस संकल्प को अपनी स्वायत्तता का उल्लंघन और बाहरी प्रभाव बताया। समूह ने कहा कि यह योजना “गाजा पट्टी पर एक अंतरराष्ट्रीय अभिभावक तंत्र थोपती है, जिसे हमारे लोग और उनके गुट अस्वीकार करते हैं।” हमास ने तर्क दिया है कि चूंकि इस बल को प्रतिरोध समूहों को निरस्त्र करने का जनादेश दिया गया है, इसलिए ISF अपनी तटस्थता खो देता है।
