
नई दिल्ली, 18 नवंबर 2025: बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को एक विशेष अदालत द्वारा उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाए जाने के बाद गंभीर अव्यवस्था और अशांति का माहौल है। ‘मानवता के विरुद्ध अपराध’ के आरोप में सजा के ऐलान के बाद सोमवार से ही देश के कई हिस्सों में हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जिनमें गोलीबारी, आगजनी और बम विस्फोट की घटनाएं सामने आई हैं।
हिंसक झड़पों में 2 लोगों की मौत
देश भर में हुई हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में अब तक दो लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। बारीसाल में गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि ढाका के पलाबी इलाके में जुबो दल के एक नेता की अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी। प्रदर्शनकारियों ने ढाका में बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान के आवास को गिराने और जलाने की भी कोशिश की, जिसे सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों से रोका।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
हिंसा की घटनाओं के बीच गोपालगंज के एक पुलिस स्टेशन में देसी बम विस्फोट में तीन पुलिस अधिकारी घायल हो गए। अवामी लीग द्वारा बंद (हड़ताल) के आह्वान के मद्देनजर पूरे देश में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी (NCSA) ने मीडिया को शेख हसीना के बयानों को प्रसारित न करने की सख्त हिदायत दी है, ताकि हिंसा और अव्यवस्था न भड़के।
