जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने अलग-अलग विद्यालयों में पदस्थ प्राचार्यों को राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) में संविलियन करने के संबंध में निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने नेशनल एजुकेशन सोसायटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स को इस संबंध में 60 दिन में याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का निराकरण करने के निर्देश दिए।
जबलपुर निवासी राजकुमार डेहरिया सहित अन्य की ओर से अधिवक्ता वंदना त्रिपाठी ने पक्ष रखा। याचिकाकर्ता एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्राचार्य के पद पर पदस्थ हैं। एकलव्य विद्यालय केन्द्र सरकार द्वारा संचालित हैं। याचिकाकर्ता अभी राज्य शासन के कर्मचारी हैं और उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने 5 मई 2025 को उनका संविलियन एनईएसटीएस में करने की मांग को लेकर सोसायटी को अभ्यावेदन दिया था। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
