इंदौर: साइबर अपराधों से बचाव को लेकर इंदौर पुलिस ने स्कूलों में जागरूकता अभियान तेज कर दिया है. इसी कड़ी में साइबर पाठशाला कार्यक्रम के दौरान छात्रों को डिजिटल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण उपाय समझाए गए.इंदौर में बढ़ते साइबर अपराधों पर रोक लगाने और लोगों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रहा है, जिसके तहत अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त क्राइम राजेश दंडोतिया और पुलिस टीम ने एक स्कूल पहुंचकर करीब 250 छात्रों को साइबर सुरक्षा संबंधी व्यवहारिक जानकारी दी.
कार्यशाला में विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों की कार्यप्रणाली, उनसे बचाव और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया. छात्रों को बताया गया कि किसी भी साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइ, पोर्टल या इंदौर पुलिस की साइबर हेल्पलाइन पर रिपोर्ट करें. दंडोतिया ने समझाया कि डिजिटल दुनिया में बच्चों, किशोरों, महिलाओं और बुजुर्गों को साइबर अपराधी सबसे आसान निशाना मानते हैं.
ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स और वेबसाइटें बच्चों को लत की तरफ धकेलती हैं और इसी दौरान अपराधी डेटा चोरी कर ठगी या ब्लैकमेलिंग जैसे अपराधों को अंजाम देते हैं. सोशल मीडिया पर साझा की गई निजी जानकारी, फोटो-वीडियो और गतिविधियों पर भी ये अपराधी लगातार नजर रखते हैं, इसलिए थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है.
पुलिस अधिकारियों ने बच्चों से कहा कि ऑनलाइन गेम खेलते समय, पढ़ाई से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करते हुए और सोशल मीडिया चलाते समय हमेशा सतर्क रहें. किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी निजी जानकारी, फोटो या वीडियो न भेजें और संदिग्ध लिंक या ऐप्स से दूरी बनाए रखें. कार्यक्रम के दौरान बाल दिवस भी बच्चों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया. मौके पर पुलिस टीम ने इंदौर पुलिस के एआई आधारित सेल्फ क्लिक साइबर सुरक्षा चैटबोट की जानकारी भी दी, जो साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करता है.
