बंडा: स्थानीय कृषि उपज मंडी में सोयाबीन और मक्का की जबरदस्त आवक दर्ज की गई है। कल सुबह से लेकर देर शाम तक 300 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां सोयाबीन एवं मक्का लेकर मंडी पहुँचीं। प्रथम व द्वितीय पाली में मिलाकर 5600 क्विंटल से अधिक सोयाबीन की आवक बताई गई है। डाककर्ता गजेंद्र दुबे एवं अभिजीत साहू ने बताया कि सोयाबीन का बाजार भाव 3000 से 4500 रुपए प्रति क्विंटल रहा, जबकि शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 5328 रुपए है। ऐसे में किसानों को 1000 से 1350 रुपए तक का भावांतर मिलने की उम्मीद है।
मक्का की आवक इस बार कम देखने को मिल रही है। इसकी बोली 1300 से 1650 रुपए तक रही। पिपरिया राजमन के किसान स्वामी प्रसाद दुबे ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस साल मक्का 500 से 800 रुपए प्रति क्विंटल सस्ता चल रहा है, जिसके चलते किसान फिलहाल मक्का मंडी में बेचने से बच रहे हैं।किसानों ने यह भी बताया कि बंपर आवक के बावजूद मंडी सचिव प्रभारी रामप्रकाश व्यवस्थाओं का जायजा लेने बाहर नहीं निकलते, जिससे अधीनस्थ कर्मचारियों पर पूरा भार पड़ता है और किसानों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
राहतगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, कृषि उपज मंडी में भावांतर योजना के तहत सोयाबीन, मक्का, गेहूं, मसूर व चना आदि फसलों की डाक नीलामी के माध्यम से खरीदी जारी है। कृषि मंडी के उप निरीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि पंजीकृत किसानों को उपज बेचने के बाद भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंडी में सोयाबीन की बंपर आवक जारी है और अब तक 11 हजार क्विंटल से अधिक सोयाबीन की खरीदी हो चुकी है।
