फर्जी डीएड अंकसूचियों के जरिए 34 शिक्षक बने सरकारी कर्मचारी, एसटीएफ की जांच में खुलासा

ग्वालियर। एसटीएफ ने सरकारी नौकरी में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा किया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के नाम पर फर्जी डीएड अंकसूचियों के जरिए शिक्षक भर्ती में घोटाला किया गया था। एसटीएफ ने 8 नामजद सहित 34 शिक्षकों पर केस दर्ज किया है, जिनमें सात ग्वालियर के हैं।

जांच में सामने आया कि फर्जी अंकसूचियों के सहारे सरकारी स्कूलों में नियुक्तियां की गईं। बाद में नौकरी के दस्तावेजों का सत्यापन भी फर्जी रिपोर्ट से किया गया। एसटीएफ ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम देने वाले संगठित गैंग का भी पता लगाया है, जो कूटरचित दस्तावेज बनाकर सरकारी नौकरी हासिल करवाने में सक्रिय था।

विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव के निर्देश पर एसपी राजेश सिंह भदौरिया की टीम ने गोपनीय जांच कर संबंधित शिक्षा कार्यालयों से दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान टीम को पता चला कि शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत डीएड अंकसूचियां असली नहीं थीं। इसके आधार पर एसटीएफ ने फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वाले सभी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। टीम ने गंधर्व सिंह रावत, साहब सिंह कुशवाह, बृजेश रोरिया, महेन्द्र सिंह रावत, लोकेन्द्र सिंह, रूबी कुशवाह, रविन्द्र सिंह राणा और अर्जुन सिंह चौहान सहित कुल 34 शिक्षकों पर एफआईआर दर्ज की है। सभी शिक्षक मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर और इंदौर जिलों में पदस्थ हैं। एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नियुक्ति प्रक्रिया में प्रस्तुत सत्यापन रिपोर्ट भी फर्जी थी।

एसपी एसटीएफ ग्वालियर राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि जांच में साबित हुआ है कि डीएड की हूबहू फर्जी अंकसूचियां बनाकर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की गई।नियुक्ति के बाद दी गई सत्यापन रिपोर्ट भी कूटरचित थी। हमारी टीम गैंग के अन्य सदस्यों की पहचान कर रही है।

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