नयी दिल्ली, (वार्ता) बधिर ओलंपि में तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले जर्लिन जयरातचागन 15 से 26 नवंबर तक टोक्यो में होने वाले आगामी ग्रीष्मकालीन खेलों में भारत की ध्वजवाहक होंगी। इस बार रिकॉर्ड 111 सदस्यीय भारतीय दल बधिर ओलंपिक में भाग लेगा।
आज यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित एक समारोह में खेल सचिव हरि रंजन राव ने भारतीय दल को गर्मजोशी से विदाई दी। भारतीय दल की आधिकारिक किट का भी अनावरण किया गया। भारतीय एथलीटों का पहला जत्था गुरुवार को टोक्यो के लिए रवाना होगा।
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भारतीय दल को दिए संदेश में कहा, “विशेष एथलीटों के लिए वैश्विक आयोजनों में भारत की तीव्र प्रगति गर्व की बात है। खेलों के माध्यम से समावेशिता को बढ़ावा देने और स्वस्थ पहुँच को बढ़ावा देने के हमारे प्रयास के तहत, हमें डेफलिंपिक में अब तक का सबसे बड़ा भारतीय दल भेजकर बेहद खुशी हो रही है। हर साल हमारे पदकों की संख्या बढ़ रही है और मुझे पूरा यकीन है कि हम ब्राजील से भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। लेकिन जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं, बात यह नहीं है कि हम कितने पदक जीतते हैं। बात सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने और अपना शत-प्रतिशत देने की है। मैं प्रत्येक एथलीट और सहयोगी स्टाफ को शुभकामनाएँ देता हूं।”
भारत 11 खेलों में भाग लेगा – एथलेटिक्स, बैडमिंटन, गोल्फ, जूडो, कराटे, निशानेबाजी, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कुश्ती और टेनिस। डेफलिम्पिक्स का आयोजन अंतरराष्ट्रीय बधिर खेल समिति (आईसीएसडी) द्वारा किया जाता है।
जर्लिन ने ध्वजवाहक चुने जाने पर कहा, ”ध्वजवाहक चुना जाना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है और भावुक क्षण है। यह मेरा तीसरे बधिर ओलंपिक हैं लेकिन पहली बार मैं अपने देश का ध्वज लेकर नेतृत्व करूंगी। यह वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और न केवल ध्वज, बल्कि हमारी टीम के प्रत्येक एथलीट के सपनों को आगे बढ़ाने के सम्मान का प्रतीक है।”
