रोज लगता है जाम, पंद्रह मिनट मिलता है पेयजल
जबलपुर: गढ़ा वार्ड आज भी अपने समय से दो दशक पीछे चल रहा है। इतिहास के हिसाब से गढ़ा क्षेत्र संस्कारधानी का एंट्री पॉइंट माना जाता था। जिसकी गवाही यहां बने बाजार और अन्य स्मारक देते हैं। आज आधुनिकता के इस युग में भी गढ़ा वार्ड की सड़के सकरी की सकरी ही बनी हुई है। एक ओर संस्कारधानी का उपनगरीय क्षेत्र कहलाने वाला गढ़ा आज इतना सकरा हो चला है कि मानो स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट अभी यहां तक पहुंचे ही नहीं है। यहां के रहवासियों की माने तो धनवंतरी नगर तक की सड़क छह बार सैंक्शन हो चुकी है। लेकिन आज तक उसपर काम चालू नहीं हो सका है जिसके चलते गढ़ा वार्ड की समस्या जस की तस बनी हुई है। इस क्षेत्र में कल्चुरी क़ालीन मंदिर, शिवालय के साथ अनेक ताल तलैया भी मौजूद है। इन शिवालयों की पूजा ख़ुद गोडवाना काल के शासक किया करते थे। वही क्षेत्र आज साफ़ सफ़ाई, पानी की किल्लत और सकरी सड़को की परेशानियों से जूझ रहा है।
नहीं हुआ सड़कों का चौड़ीकरण
जानकारों की माने तो गढ़ा क्षेत्र घनी बसाहट का केंद्र है जिसके चलते यहाँ शुरू से ही बाज़ार लगते आ रहा है। लेकिन आज के ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यह सड़के बौनी साबित हो रही है। जिसके चलते यहां मौजूद पंडा की मडिया से बीटी रोड एवं धनवंतरी नगर रोड पर अक्सर जाम लगता रहता है। वार्ड में रहने वाले श्याम साहू ने बताया कि नगर प्रशासन की ओर से धनवंतरी नगर रोड को छह बार सैंक्शन किया जा चुका है, और यह भी वादा किया गया था कि मुख्य सड़क को 20 फीट तक चौड़ा किया जाएगा। लेकिन अफसोस इसपर आज तक कोई प्रगति नहीं हो सकी है।
पंद्रह मिनट आता है पानी
वार्ड के अयोध्या तिवारी की माने तो नगर निगम की ओर से मिलने वाले पेयजल की अवधि सिर्फ 15 से 20 मिनट की ही रहती है। जिसके चलते वार्ड वासियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वही गढ़ा वार्ड के पार्षद की माने तो चंदन नगर में पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है जिससे इस समस्या पर विराम लग सकेगा। आगे वार्ड वासियों ने यह भी बताया कि दुकानों के पीछे खुले ग्राउंड में कचरा फेक दिया जाता है और नगर निगम की ओर से कोई कचरा उठाने नहीं आता है। जिससे क्षेत्र में कचरे का ढेर लग जाता है। वर्षा होने पर यह कचरा बहकर सड़क पर आता है। इसका सीधा असर व्यापार में पड़ता है।
सड़के बने तो बनाएं घर
गढ़ा वार्ड के रहवासियों की माने तो उनको अपने क्षेत्र में सड़क बनने का इंतजार है। इसके बाद ही वह अपने घरों का निर्माण कर सकेंगे, लोगों ने यह भी बताया कि अगर वह अपने मकान अभी बनाते हैं तो प्रशासन उसे सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तोड़ भी सकता है। वही संजय बताते है कि वार्ड में नालियाँ तो है पर यह चीप से ढकी हुई है। ना ही उनकी सफ़ाई होती है और ना ही उनको पक्का किया जाता है।
इनका कहना है
मेरी दुकान और घर दोनों ही गढ़ा वार्ड में है। हम लोग पिछले 100 सालों से यहां रह रहे हैं हमें सड़के बनने का इंतजार है।
श्याम साहू, वार्डवासी
धनवंतरी नगर रोड पर आए दिन जाम लगता है। जिसके कारण व्यापार प्रभावित होता है। छह बार से अधिक यह रोड सैंक्शन हो चुकी है, लेकिन कार्य चालू नहीं हो सका है।
अयोध्या तिवारी, वार्डवासी
वार्ड में पानी की समस्या को देखते हुए टंकी का निर्माण कराया जा रहा है जिससे भरपूर पानी वार्ड के वासियों को मिल सकेगा। रही बात सड़क की तो उसके बारे में लोक निर्माण विभाग ही जानकारी दे पाएगा।
मनीष पटेल, पार्षद, गढ़ा वार्ड
गढ़ा वार्ड एवं आसपास के इलाकों की सड़कों पर कार्य चालू हो चुका है। जल्द ही यहां लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिल सकेगी।
शैलेंद्र मिश्रा, कार्य. यंत्री, लोक निर्माण विभाग
