नई दिल्ली, 11 नवम्बर: दिल्ली में हुए धमाके के कुछ घंटे बाद, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान की तरफ इशारा करते हुए कड़ी टिप्पणी की। यूएनएससी में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथनेनी हरीश ने कहा कि परिषद को आतंकवाद और गैरकानूनी हथियारों की तस्करी से जूझ रहे भारत जैसे देशों की मदद करनी चाहिए। उन्होंने हथियारों की सप्लाई और इस्तेमाल में मदद करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की मांग की।
सीमा पार आतंकवाद पर निशाना
हरीश ने कहा कि भारत कई दशकों से सीमा पार आतंकवाद की मार झेल रहा है, जिसमें तस्करी हुए गैरकानूनी हथियारों का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा कि अब ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकियों तक हथियारों की मात्रा और तकनीक में इजाफा यह बताता है कि ये ग्रुप किसी की मदद, फंडिंग या सपोर्ट के बिना नहीं चल सकते हैं। उन्होंने आतंकवाद के मददगारों और स्पॉन्सरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान किया।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और खतरा
भारत ने UNSC से कहा कि छोटे हथियारों की गैरकानूनी तस्करी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। यह आतंकियों को जिंदा रखने का मुख्य कारण है। हरीश ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग को अनिवार्य बताते हुए कहा कि डायवर्जन रोकना, तस्करी नेटवर्क तोड़ना, कस्टम्स और बॉर्डर कोऑर्डिनेशन सुधारना तथा इंटेलिजेंस का समय पर आदान-प्रदान जरूरी है। भारत ने वैश्विक स्तर पर प्रयासों को दोगुना करने का समर्थन किया।

