
नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर-1 के पास सोमवार शाम हुए धमाके में 9 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। एक कार में हुए विस्फोट से आसपास की गाड़ियां जल गईं। जांच एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और जांच में जुटी हैं। सरकार ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज कर जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस यहां छानबीन कर रही है। यूनिवर्सिटी के अलावा लोगों को घरों में जाकर सर्र्च आपरेशन चला रही है। 1000 से ज्यादा जवान तलाशी में लगे हैं। पुलिस के सभी विभागों के अधिकारी यहां लगे हुए हैं। गांवों को सेक्टर्स में बांटा गया है।
अमोनियम नाइट्रेट का प्रयोग
बताया जा रहा है विस्फोटक पदार्थों में अमेनियम नाइट्रेट का प्रयोग हुआ था। धमाके के लिए आईडी, बैटरी और डिटोनेटर का इस्तेमाल किया जाता है। यहां इस बात की जांच की जा रही है।
मंत्री शाह कें आवास पर हाईलेवल मीटिंग
दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कें आवास पर हाईलेवल मीटिंग जारी है। बैठक में दिल्ली पुलिस कमिश्नर, एनआईए के डीजी, गृह सचिव, आईबी प्रमुख समेत कई बड़े अधिकारी पहुंचे हैं। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर के डीजी भी वर्चुअली शामिल हैं।
किसी को बख्शा नहीं जाएगा : राजनाथ
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली धमाकों पर कहा किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। इसके पीछे जिसका भी हाथ है, जल्द ही उसका पर्दाफाश किया जाएगा।
कार में ढाई घंटे बैठा उमर
स्पेशल सेल के सूत्रों के मुताबिक डॉ. उमर पार्किंग में खड़ी i-20 कार में लगभग ढाई से तीन घंटे तक बैठा रहा। वह एक पल के लिए भी कार से बाहर नहीं निकला। उमर या तो किसी का इंतजार कर रहा था या फिर पार्किंग में किसी निर्देश का इंतजार में था। उमर फरीदाबाद मॉड्यूल का हिस्सा था। एजेंसियों ने आत्मघाती हमले के एंगल से भी जांच शुरू कर दी है। मौके से आरडीएक्स के सबूत नहीं मिले हैं।
जैश के लिए महिला विंग और रिक्रूटमेंट का मिला था जिम्मा
खुफिया विभाग के सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर शाहीना को जैश आतंकी संगठन के लिए भारत में महिला विंग और रिक्रूटमेंट तैयार करने जिम्मा सौंपा गया था। जमात उल मोमीनात, जैश की महिला विंग है। इसकी भारत में कमान डॉक्टर शाहीना को सौंपी गई थी।
