
भोपाल: नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने सोमवार को राजधानी में व्यापक प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश में छात्र संघ चुनाव बहाल करने, देशभर में हो रही कथित वोट चोरी पर रोक लगाने तथा निजी विश्वविद्यालयों और नर्सिंग कॉलेजों में हो रहे अनियमितताओं और फर्जी फैकल्टी नियुक्तियों पर कठोर कार्यवाही की मांग की।
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार और भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से राजभवन की ओर शांतिपूर्ण रैली निकालने पहुंचे। हाथों में झंडे और तख्तियां लिए कार्यकर्ता लगातार नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ते रहे। इसी दौरान पुलिस प्रशासन ने रैली को रेड क्रॉस चौराहा पर बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया, जिसके चलते एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कई कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारे लगाते रहे और लगभग दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
इसके बाद पुलिस ने एनएसयूआई प्रदेश प्रभारी रवि दांगी, प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार, जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर, प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस सहित लक्की चौबे, अमित हाटिया, गुलाम हैदर, धीरज वर्मा, अनिमेष गोंडली, विराज यादव, मौसम डेहरिया, शुखरन मिश्रा, आदित्य चनाल और राज ठाकुर समेत दर्जनभर से अधिक कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
रवि दांगी ने कहा कि एनएसयूआई का संघर्ष केवल छात्र संघ चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा में पारदर्शिता और जवाबदेही की पुनर्स्थापना के लिए है। कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि सरकार छात्र नेतृत्व से डरकर चुनाव बहाल नहीं कर रही। वहीं रवि परमार और अक्षय तोमर ने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी हुई तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
