
खंडवा। ओंकारेश्वर मंदिर के नीचे ओंकारेश्वर लोक नहीं बनेगा। जगह कम होने के कारण राज्य सरकार ने इस प्लान को ममलेश्वर मंदिर के पास बड़ी खुली जगह में ममलेश्वर लोक बनाने का निर्णय लिया है। ओंकारेश्वर में खासकर ममलेश्वर मंदिर के आसपास सर्वे का काम शुरू हो गया है।
सर्वे में पूछे गए प्रश्नों से वहां के रहवासी घबरा रहे हैं, जो 300 साल पहले से निवास रहते हैं या फिर उनकी दुकानें हैं। ओंकारेश्वर क्षेत्र में हर तरफ घबराहट भी है।
इस मसले पर कलेक्टर ऋषव गुप्ता का कहना है, कि उनके क्षेत्र का ऐसा विकास होगा, जिसकी कल्पना मात्र से चार चांद लग जाएंगे।
सर्वे के यह रहे ‘चुभते’ सवाल!
सर्वे में यह पता कर रहे हैं कि कितना एरिया कैसे लिया जा सकता है? मौके पर किसका और कितना कब्जा है? कितने सालों से है? किसी को पट्टे मिले भी हैं, तो वह कैसे हैं? पट्टे के हिसाब से ही कब्जा है या अधिक कर लिया गया है? मंदिरों पर किसी ने कब्जा तो नहीं किया है? इस तरह की के सर्वे से मंदिरों को नया और अच्छा आकर मिल जाएगा! यह भी पता लगाया जाएगा कि किसी का हक भी ना छूटे और किसी के साथ अन्याय भी ना हो।
सनातन आस्था का केंद्र है ममलेश्वर मंदिर
ममलेश्वर मंदिर काफी प्राचीन है। सनातन आस्था का केंद्र है। बहुत से यहां मंदिर हैं। एएसआई से कहकर खुलवाए हैं। कई जगह पूजा पाठ नहीं हो रहा था। वे बंद थे। मंदिरों को खुलवाकर पूजा और सफाई करवाई गई है। मतलब हमारा उद्देश्य मंदिरों में श्रद्धालु पहुंचें। दर्शन करें। कुछ मंदिरों में सकरी गलियां हैं। रास्ते छोटे हैं। इसलिए सीमित संख्या में अंदर जाने की इजाजत दी जा रही है।
सिंहस्थ के पहले पूरा होगा ‘लोक’
कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने ममलेश्वर मंदिर परिसर में “ममलेश्वर लोक” की स्थापना का निर्णय लिया है। इससे मंदिर परिसर और अधिक आकर्षक व सुविधासंपन्न बनेगा। ममलेश्वर मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं।
