
सागर। नेत्र दान श्रेष्ठ दान की कहावत को बीएमसी सागर ने साकार किया है। यहां नेत्र रोग विभाग में दो मरीजों की आंखों में सफलतापूर्वक कोर्निया प्रत्यारोपण कर नई रोशनी दी गई।
पहला लाभार्थी सागर के ग्रामीण क्षेत्र से है, जिसकी एक आंख बचपन से ही कमजोर थी, जबकि दूसरी आंख में कोर्नियल अल्सर के कारण पिछले 15 वर्षों से दृष्टि नहीं थी। बीएमसी के चिकित्सकों ने नेत्र प्रत्यारोपण कर उसकी आंखों की रोशनी लौटा दी।
दूसरी लाभार्थी एक महिला हैं, जिन्हें बचपन से एक आंख से दिखाई नहीं देता था, वहीं दूसरी आंख में दुर्घटना से पुतली क्षतिग्रस्त हो गई थी। समाजसेवी द्वारा किए गए नेत्र दान से उन्हें भी दृष्टि मिल सकी।
बीएमसी के मीडिया प्रभारी डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि नेत्र प्रत्यारोपण की सुविधा निशुल्क है और यह दान मरणोपरांत परिजनों की सहमति से प्राप्त कोर्निया से किया जाता है।
इन सफल प्रत्यारोपणों ने यह संदेश दिया है कि नेत्र दान किसी के जीवन में अंधकार मिटाकर नया सवेरा ला सकता है।
