
जबलपुर। राष्ट्रीय अधिवक्ता मंच ने हाईकोर्ट व जिला अदालत परिसर में चाय के पेपर कप पर प्रतिबंध की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता प्रशांत तिवारी ने इस सिलसिले में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को शिकायत सौंपी है। जिसमें कहा गया है कि ताजा शोध के अनुसार पेपर कप घातक है। ऐसा इसलिए क्योंकि तरल पदार्थ लीक होने से रोकने के लिए पालीमर की पतली परत चढ़ाई जाती है। जब इसमें गर्म चाय या काफी डाली जाती है, तो परत टूटकर माइक्रोप्लास्टिक कणों में बदल जाती है। इस तरह पेय पदार्थ विषाक्त हो जाता है। इससे हार्मोनल गड़बड़ी और नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कैंसर तक हो सकता है। अधिवक्ता शशांक शुक्ल, सुरेंद्र तिवारी, प्रमोद मेहरोलिया, रत्नेश दुबे, महेंद्र डोगरे, अमित विश्वकर्मा, नरेश नामदेव व विपिन पाठक ने कार्रवाई पर बल दिया है।
