
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा है कि पुलिस रूल्स के अनुसार इंस्पेक्टर को पुलिस अधीक्षक चार्जशीट नहीं दे सकते। इस मत के साथ कोर्ट ने याचिकाकर्ता निरीक्षक के खिलाफ जांच पर रोक लगा दी। जस्टिस विजय शुक्ला की एकलपीठ ने डीजीपी भोपाल को निर्देश दिए कि याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विचार कर उचित निर्णय पारित करें।
भोपाल निवासी भगवान दास बीरा की ओर से अधिवक्ता अजय रायजादा ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पुराने प्रकरण के आधार पर देवास में पदस्थ रहने के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर चार्जशीट जारी की थी। वहीं डीआईजी उज्जैन ने जांच अधिकारी नियुक्त किया था। दलील दी गई कि निरीक्षक को आईजी नियुक्त करता है, इसलिए वहीं चार्जशीट जारी करने का अधिकारी है। याचिकाकर्ता की पत्नी ने दहेज प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए प्रकरण दर्ज कराया था। उस मामले में अधीनस्थ अदालत ने याचिकाकर्ता को निर्दोष करार दिया। इसके बावजूद कार्रवाई की गई।
