कांग्रेस ने किया वोट-रक्षा अभियान का ऐलान: 25 से 30 तक देशभर में आंदोलन, 30 को बनेगी मानव-श्रृंखला

भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस ने शनिवार को दस-सूत्रीय व्यापक “वोट-रक्षा अभियान” की घोषणा की और आरोप लगाया कि बड़े पैमाने पर मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के पीछे चुनाव आयोग पर भाजपा का प्रभाव काम कर रहा है। पार्टी नेताओं ने इसे “लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश” बताया और देशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि राहुल गांधी द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब चुनाव आयोग की जगह गृहमंत्री अमित शाह दे रहे हैं, जो आयोग की “स्वायत्तता पर प्रश्नचिह्न” है।

पटवारी ने कहा कि बिहार के पहले चरण में लाखों वोटरों को अपने बूथ ही नहीं मिले क्योंकि नाम रातोंरात सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा, “कांग्रेस एक भी देशभक्त नागरिक का नाम मतदाता सूची से कटने नहीं देगी।”

देशव्यापी आंदोलन की तैयारी

कांग्रेस ने 25 से 30 नवंबर तक दिल्ली में बड़े पैमाने पर जन-संगठन कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की। पटवारी ने बताया कि रामलीला मैदान से लाखों लोग पैदल मार्च करेंगे और 30 नवंबर को राष्ट्रपति भवन के सामने पाँच किलोमीटर लंबी मानव-श्रृंखला बनाई जाएगी। इस दौरान पाँच करोड़ हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा।
मध्यप्रदेश से 50,000 कार्यकर्ता 100 विशेष ट्रेनों के माध्यम से दिल्ली पहुँचेंगे।

आरोप और मांगें

दिग्विजय सिंह ने कहा कि पहले जन्म-तिथि, राशन कार्ड और स्कूल प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज पर्याप्त थे, लेकिन अब नागरिकता प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है, जो अधिकांश नागरिकों के पास नहीं है। उन्होंने मांग की कि चुनाव की घोषणा होते ही मतदाता सूची को “फ्रीज” किया जाए ताकि उसके बाद किसी भी तरह की हेरफेर न हो सके।

उमंग सिंघार ने एक साथ 12 राज्यों में विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) शुरू किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षक और स्वास्थ्य कर्मचारी तक इस कार्य में लगा दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि 30 दिसंबर को अंतिम सूची जारी होने पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर नहीं बचेगा।

सज्जन सिंह वर्मा ने दस्तावेजी सबूत पेश करते हुए दावा किया कि प्रदेश की 65% पंचायतों तक फॉर्म-18 नहीं पहुँच पाया है और 28,000 बीएलओ के मोबाइल नंबर गायब हैं। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग को “राजनीतिक हथियार” में बदलने का आरोप लगाया।

कांग्रेस का दस-सूत्रीय ‘वोट-रक्षा अभियान’

कांग्रेस 10 नवंबर से घर-घर जागरूकता अभियान चलाएगी, 20 नवंबर तक बीएलए प्रशिक्षण पूरा करेगी, 5 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगी और 30 नवंबर को दिल्ली में मानव-श्रृंखला बनाएगी।
पार्टी ने नागरिकों से आधार, वोटर कार्ड, राशन कार्ड और दसवीं की मार्कशीट की प्रतिलिपि सुरक्षित रखने और 10 नवंबर तक अपने बूथ की बीएलए सूची जांचने की अपील की।

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