भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य में चल रही SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को पूरी तरह दोषपूर्ण बताते हुए कहा है कि यह मतदाता सूची की पारदर्शिता के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर निर्वाचन आयोग और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
कमलनाथ ने कहा कि जिस आधी-अधूरी तैयारी के साथ यह प्रक्रिया शुरू की गई है, उसने मतदाता सूची निर्माण का मज़ाक बना दिया है। प्रदेश के अनेक जिलों में मतदाता BLO का इंतज़ार कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें फ़ॉर्म ही नहीं मिले हैं। कई स्थानों पर फ़ॉर्म अधूरे हैं या उनके प्रिंटआउट तक तैयार नहीं हुए।
उन्होंने बताया कि BLO के पास 2003 की मतदाता सूची उपलब्ध नहीं है और उनसे उम्मीद की जा रही है कि मतदाता खुद इंटरनेट से पुराने रिकॉर्ड निकालें। कमलनाथ ने कहा, मध्य प्रदेश जैसे ग्रामीण बहुल राज्य में इंटरनेट के भरोसे मतदाताओं पर ज़िम्मेदारी डालना सरासर अन्याय है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि इतनी कम अवधि में SIR लागू करना तुगलकी फ़रमान है और इससे मतदाता सूची निष्पक्ष नहीं बन पाएगी। उन्होंने कहा कि आयोग को संविधान की भावना का पालन करते हुए मतदाता सूची निर्माण की पूरी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए।
कमलनाथ ने आशंका जताई कि इस लापरवाही के पीछे कहीं न कहीं वोट चोरी की साजिश छिपी है। उन्होंने कहा कि अगर मतदाता सूची में हेराफेरी की कोशिश हुई तो कांग्रेस पार्टी और प्रदेश की जनता लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से लेकर आयोग तक हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
