इंदौर: एडवाइजरी के नाम पर फर्जी खातों के जरिये आर्थिक ठगी में सहायता करने वाले एक आरोपी को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया है. आरोपी फर्जी बैंक अकाउंट्स उपलब्ध कराकर ठगों को आर्थिक लेनदेन में मदद करता था. पुलिस आयुक्त के निर्देश पर ठगी और साइबर फ्रॉड के मामलों में तुरंत कार्रवाई के लिए गठित फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन टीम को यह सफलता मिली.
एडीसीपी क्राईम राजेश दंडोतिया ने बताया कि गिरफ्तार 28 वर्षीय आरोपी विनायक मेहता निवासी इंदौर है, जो एडवाइजरी कंपनियों को फेक बैंक अकाउंट्स उपलब्ध कराता था. इन खातों का उपयोग ‘होनेस्ट टेक एडवाइजरी कंपनी’ द्वारा ठगी की रकम को इधर-उधर करने में किया गया. आरोपी प्रत्येक खाते पर लगभग 3 प्रतिशत कमीशन लेता था.
क्राइम ब्रांच की ईओडब्ल्यू टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया है. अब उसके अन्य साथियों, बैंक खातों और डिजिटल नेटवर्क की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके. दंडोतिया का कहना है कि ऐसे मामलों में आमजन की सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि या कॉल की जानकारी तुरंत पुलिस को दें.
