इंदौर. देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले इंदौर की सफाई व्यवस्था गड़बड़ होने लगी है. इसका खुलासा आज समीक्षा बैठक में हुआ, जिसमें अधिकाश पार्षदों ने सफाई, बैकलेन पर कब्जा एवं गंदगी के साथ अमृत 2.0 में डाली नई लाइन से पानी नहीं आने और कम मिलने की शिकायतें महापौर को बताई.
आज की बैठक में पार्षदों ने इतनी समस्या और शिकायत की कि महापौर अचंभित हो गए! बैठक में हर वार्ड के पार्षद ने निगम अधिकारियों की शिकायत ही शिकायत बताई. पार्षदों की शिकायत में सफाई, पानी नहीं आने के साथ, सड़को के पेंच वर्क और टेंडर होने के बाद भी काम शुरू नहीं होने और टीडीआर सर्टिफिकेट का मामला सामने आया. पार्षदों ने अधिकारियों की फोन नहीं उठाने से लेकर विकास कार्यों के टेंडर, अवैध निर्माण पर रोक नहीं लगाने तक विभिन तरह की शिकायत की. शिकायतों के अंबार को सुन महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो ठेकेदार ठीक से काम नहीं कर रहे, उनको ब्लैक लिस्टेड करो. ठेकेदार को जो टेंडर के बाद भी काम शुरू नहीं कर रहे तो रुका हुआ थोड़ा पैसा भुगतान कर दे. आज एआईसीटीएसएल कार्यालय में नगर निगम के विधानसभा 4 के वार्डो की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में निगम विकास कार्यों की प्रगति के साथ पिछले दो सालों में टेंडर और कितने कार्य हुए है, इसकी समीक्षा थी. बैठक में मौजूद सभी पार्षदों ने सबसे ज्यादा शिकायत सफाई व्यवस्था बिगाड़ने, सफाईकर्मी कम होने, हटाने के बाद नई पदस्थापना नहीं करने, पानी की अमृत 2.0 में नई लाइन डालने बाद पानी नहीं आने, टंकियों को शुरू नहीं करने, टंकियां पूरी नहीं भरने, कई क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंचने, बेक लेन पर अतिक्रमण, मुख्य मार्गों पर पेचवर्क नहीं करने, अवैध निर्माण पर भवन अधिकारी, भवन इंस्पेक्टर द्वारा फोन नहीं उठाने जैसी शिकायतें की हैं. बैठक में पार्षदों की शिकायत से अधिकारी जरा भी विचलित नजर नहीं आ रहे थे. ऐसा लग रहा था मानो अधिकारी स्वयं मदमस्त होकर जनप्रतिनिधियों को ‘नतमस्तक’ करने की ठान चुके हो.
