आजीविका के नए अवसर और राजस्व में बढ़ोतरी : देवड़ा

मंदसौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लागू किए गए जीएसटी सुधारों का मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। इन सुधारों से राज्य में उत्पादों की कीमतें 6 से 10 प्रतिशत तक कम हुई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत और उद्योगों को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली है।

 

राजस्व लक्ष्य से अधिक प्राप्ति

राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितम्बर माह तक ₹8,212 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध ₹8,293.01 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है, जो लक्ष्य से लगभग 0.99 प्रतिशत अधिक है। यह राशि गत वर्ष की तुलना में 16.88 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

 

श्री देवड़ा ने बताया —

 

“जीएसटी सुधारों ने व्यापार, उद्योग और कारीगरों को नई ऊर्जा दी है। कर दरों में कमी से उत्पाद सस्ते हुए हैं, जिससे आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में मध्यप्रदेश मजबूती से आगे बढ़ रहा है।”

 

सुधारों से कारीगरों और उद्योगों को लाभ

 

इंदौर नमकीन उद्योग : जीएसटी 12% से घटकर 5% होने से उत्पाद 6–7% सस्ते हुए, घरेलू व निर्यात बिक्री बढ़ी।

 

कृषि मशीनरी : उपकरणों की लागत 7–13% घटी, 85,000 से अधिक लोगों को रोजगार में स्थिरता।

 

महेश्वरी साड़ियां : वस्त्रों पर जीएसटी 12% से घटकर 5%, कीमतें लगभग 6% घटीं, मांग में वृद्धि।

 

गोंड चित्रकला और डोकरा शिल्प : कलाकृतियां 6% तक सस्ती, ई-कॉमर्स व निर्यात बाजार में वृद्धि।

 

लकड़ी, लाख, टेराकोटा और बेल मेटल उत्पाद : दरों में कमी से ग्रामीण कारीगरों की आय में बढ़ोतरी।

 

सीमेंट, बलुआ पत्थर और जूता उद्योग : दर 28% से घटकर 18% या 5%, लागत कम हुई, निर्माण क्षेत्र को बल मिला।

जीएसटी सुधारों से घरेलू स्नैक्स, वस्त्र, आदिवासी शिल्प, कृषि उपकरण, सीमेंट और जूता उद्योग सभी को लाभ हुआ है। इससे न केवल रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित हुए हैं, बल्कि राजस्व संग्रहण और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।

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