
ग्वालियर। शहर में पहली बार राष्ट्रीय चिकित्सा शिक्षा एनसीपीई 2025 पर राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस होने जा रहा है। यह कॉन्फ्रेंस गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के बाल रोग विभाग और ग्वालियर एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के संयुक्त तत्वावधान में आज शुक्रवार से 9 नवम्बर तक आयोजित होगी। कॉन्फ्रेंस की थीम चिकित्सा शिक्षा में उत्कृष्टता को आगे बढ़ाना नवाचार, प्रेरणा, प्रभाव रखी गई है।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय अधिष्ठाता प्रो. डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ 8 नवम्बर को सुबह 11 बजे कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के ऑडिटोरियम में होगा। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व ग्वालियर कलेक्टर और वर्तमान प्रधान सचिव स्कूल शिक्षा विभाग डॉ. संजय गोयल उपस्थित रहेंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता पीडियाट्रिक विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आर. के. तालुजा करेंगी।
बाल एवं शिशु रोग विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अजय गौड़ ने बताया कि यह कॉन्फ्रेंस प्रो. (डॉ.) ए. जी. शिंगवेकर, डीन डॉ. आर. के. धाकड़, डॉ. बीआर श्रीवास्तव और डॉ. सी. पी. बंसल जैसे वरिष्ठ शिक्षाविदों के मार्गदर्शन में यह कॉन्फ्रेंस होगी। इस कॉन्फ्रेंस में देश के शीर्ष चिकित्सा शिक्षकों की उपस्थिति होगी, जिनमें प्रो. (डॉ.) पियूष गुप्ता (यूसीएमएस, दिल्ली) विशेष रूप से शामिल होंगे। उनके साथ एम्स दिल्ली, एमएएमसी तथा अन्य संस्थानों के वरिष्ठ विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। डॉ. बीआर श्रीवास्तव ने कहा कि कॉन्फ्रेंस किताबें सिर्फ इलाज बता सकती हैं, इसलिए किस मरीज को क्या इलाज दिया जाए, कॉन्फ्रेंस में इस बात पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। डॉ. सीपी बंसल ने कहा कि टीचिंग एक कला है उस पर ही यह कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है। पत्रकारों को जानकारी देते समय डॉ. घनश्याम दास, डॉ. विनीत चतुर्वेदी और डॉ. सात्विक बंसल सहित विभाग के अन्य चिकित्सा शिक्षक मौजूद थे। इससे पहले आज शुक्रवार को प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप होगी।
