
इंदौर. शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमवाय में अब तंबाकू, गुटखा, पान-मसाला और सिगरेट जैसे नशे संबंधी उत्पादों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. अस्पताल प्रशासन ने आज से ही यह नियम सख्ती से लागू कर दिया है. मुख्य गेट पर सुरक्षाकर्मी प्रत्येक व्यक्ति की तलाशी लेकर तंबाकू उत्पाद जब्त कर रहे हैं.
बीते कुछ महीनों से अस्पताल परिसर की दीवारों और फर्श पर गुटखे की पीक और थूक के कारण गंदगी बढ़ गई थी. इससे न केवल वातावरण दूषित हो रहा था, बल्कि गंभीर मरीजों और नवजातों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा था. कई मरीजों के परिजन परिसर में खाना फेंकने और दीवारों पर थूकने जैसी हरकतें कर रहे थे, जिससे चूहे और संक्रमण की समस्या और बढ़ रही थी. अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी और परिसर में गंदगी फैलाने या थूकने वालों पर जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है. रेंजर और सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि तंबाकू उत्पादों को किसी भी हालत में अस्पताल के भीतर नहीं आने दिया जाए.
लोग नहीं बदल रहे आदतें, अब सख्ती ही विकल्प
प्रशासन का कहना है कि लगातार समझाइश देने के बावजूद लोग अपनी आदतें नहीं बदल रहे थे. अब सख्त कदम उठाकर स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है. अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि आने वाले दिनों में परिसर की तस्वीर साफ-सुथरी और बेहतर दिखाई देगी.
