
सीधी। लोकायुक्त रीवा की टीम ने आज दोपहर एक छात्रावास अधीक्षक को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। यह रिश्वत रिटायर्ड शिक्षक से जीपीएफ फाइल क्लियर करने के एवज में ली जा रही थी। यह कार्रवाई सिहावल के अनुसूचित जाति जूनियर बालक छात्रावास क्रमांक 2 में की गई। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी अधीक्षक अशोक पाण्डेय ने हाल ही में रिटायर हुए शिक्षक वशिष्ठ मुनि द्विवेदी निवासी टिकरी, थाना मड़वास से दस हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। वशिष्ठ मुनि द्विवेदी इसी छात्रावास में शिक्षक के रूप में पदस्थ थे और चार महीने पहले ही रिटायर हुए थे। अधीक्षक ने उनकी जीपीएफ फाइल क्लियर करने के बदले यह राशि मांगी थी।शिकायत मिलने पर लोकायुक्त रीवा की टीम ने पहले गोपनीय जांच की, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद आज दोपहर लगभग एक बजे 12 सदस्यीय टीम ने सिहावल पहुंचकर ट्रैप ऑपरेशन चलाया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जब वह तय रकम लेकर अधीक्षक के पास पहुंचे तो वह उस समय परिसर में कुछ पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पत्रकारों की मौजूदगी देखकर अधीक्षक ने रुपए लेने से बचने की कोशिश की, लेकिन टीम ने पहले से घेराबंदी कर रखी थी। थोड़ी ही देर में लोकायुक्त ने अधीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। अशोक पाण्डेय ने गिरफ्तारी के बाद अपनी फोटो और वीडियो सार्वजनिक न करने का अनुरोध किया, जिसके चलते लोकायुक्त टीम ने आरोपी के कोई विजुअल जारी नहीं किए हैं। आरोपी को पूंछताछ के लिए रेस्ट हाउस में रखा गया है।
इनका कहना है-
अधीक्षक अशोक पाण्डेय को 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ही कार्रवाई की गई। फिलहाल आरोपी से पूंछताछ जारी है।
उपेंद्र द्विवेदी, निरीक्षक लोकायुक्त रीवा
