
नई दिल्ली, 06 नवम्बर: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए आज पहले चरण का मतदान हो रहा है। अक्सर देखा जाता है कि कई मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट में होने के बावजूद उनके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं होता। निर्वाचन आयोग ने ऐसे नागरिकों के मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए खास व्यवस्था की है। आयोग के नियम के अनुसार, यदि मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में शामिल है, तो वे पहचान के लिए 12 में से कोई एक वैध डॉक्यूमेंट दिखाकर वोट डाल सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिनके पास EPIC कार्ड (वोटर आईडी) नहीं है, वे 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी एक का उपयोग करके मतदान कर सकते हैं। आयोग ने यह अधिकार जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत दिया है, जिसका मकसद यह है कि पहचान संबंधी समस्या के कारण किसी नागरिक का मतदान का अधिकार न छूटे। यह व्यवस्था बिहार विधानसभा चुनाव के साथ-साथ आठ विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों में भी लागू होगी।
वोटर आईडी के बिना मतदान करने के लिए ये 12 वैकल्पिक दस्तावेज मान्य होंगे:
- आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड।
- ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट।
- बैंक या डाकघर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज।
- श्रम मंत्रालय/आयुष्मान भारत योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड।
- राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के तहत जारी स्मार्ट कार्ड।
- केंद्र या राज्य सरकार/सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा जारी सेवा पहचान पत्र।
- सांसद, विधायक या विधान पार्षद को जारी आधिकारिक पहचान पत्र।
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (UDID) कार्ड।
