शाहगढ़:हौसला बुलंद हो तो हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। यह सच कर दिखाया है शाहगढ़ के अक्षय जैन (टिंकल) और बीना के अभिलेश राजपूत ने । दोनों ने बेस कैंप फतह कर वहा पर तिरंगा लहराकर शाहगढ़ नगर और गांव का गौरव बढ़ाया है। उन्होनें 8 दिनों में 5,364 मीटर ऊंचे बेस कैंप तक का कठिन सफर तय किया और 130 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी की।उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर है।
बचपन से ही एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने का सपना देखने वाले सागर जिला मुख्यालय के 70किलों मीटर दूर स्थित शाहगढ़ जनपद की पंचायत अमरमऊ गांव के 25 वर्षीय अक्षय जैन ने आखिरकार सपना सच कर दिखाया। विशेष बात यह रही कि पिछले 7 दिनों से हिमालय क्षेत्र का मौसम बेहद खराब बना हुआ था, तेज़ बर्फबारी और ठंडी हवाओं के बावजूद दोनों ने हार नहीं मानी और विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य तक पहुँचे।
यह सफलता 02 नवंबर को दर्ज की गई, जब दोनों ने दुनिया की सबसे ऊँची पर्वत श्रृंखला के इस प्रतिष्ठित बेस कैंप को छूकर शाहगढ़ और बीना का नाम गौरव से ऊँचा कर दिया। उपलब्धि से परिवार में खुशी अक्षय की इस उपलब्धि पर उनके पिता , मां , बहन ने कहा कि उनके लिए यह गौरव का पल है। पिता नरेंद्र जैन ने बताया अक्षय को बचपन से ही एवरेस्ट पर चढ़ने का जुनून था। अक्षय को सभी ने बधाई दी है।
