भैसों से लदा कंटेनर पलटा, 10 बेजुबानों की दर्दनाक मौत

सतना : जिले से होते हुए सीमा पार की ओर जाने वाले कई रास्ते पशु तस्करों के लिए रेशम मार्ग बन चुके हैं. लेकिन इसके बावजूद भी इस तरह के काले करनामे तभी क्यों उजागर होते हैं जब मवेशियों से भरा वाहन दुर्घटना का शिकार हो जाता है. इसे कडिय़ों से जुड़ी हुई व्यवस्था की मजबूरी कहा जाए अथवा जानबूझकर आंख मूंद लेने की प्रवत्ति, लेकिन वास्तविकता यह है कि इस पाशविक कारोबार का खामियाजा आए दिन निरीह बेजुबानों को भुगतना पड़ रहा है.

जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र अंतर्गत बगदरा घाटी के बटोही मोड़ के निकट कुछ राहगीरों और स्थानीय लोगों ने एक कंटेनर को पलटे हुए देखा. लेकिन जैसे ही लोगों ने पास जाकर देखा तो वहां की खौफनाक स्थिति देखकर उनका कलेजा मुंह को आ गया. पलटे हुए कंटेनर में एक ओर जहां कुछ भैंसों की दर्दनाक मौत हो चुकी थी. वहीं दूसरी ओर कई भैंसें बुरी तरह घायल होकर बुरी तरह से कराह रही थीं.

जबकि चालक अथवा परिचालक सहित अन्य कोई भी व्यक्ति उक्त कंटेनर के आस पास मौजूद नहीं था. घटना की गंभीरता को देखते हुए चित्रकूट थाना प्रभारी डी अबार शर्मा और एसडीओपी चित्रकूट राजेश सिंह बंजारे को सूचना दे दी गई. पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे एसडीओपी और थाना प्रभारी द्वारा कंटेनर में पफंसी भैसों को स्थानीय लोगों के सहयोग से बाहर निकलवाया गया. बताया गया कि कंटेनर में 57 भैंसें लोड थीं. जिसमें से 10 ने दम तोड़ दिया था. कंटेनर के अंदर जिस तरीके से बांस की बल्ल्यिां और रॉड लगाकर भैंसों को जकड़ा गया था उससे क्रूरता की सारी हदें पार होती नजर आ रही थीं. पुलिस द्वारा ट्रक को जब्त कर लिया गया है और मामले की जांच शुरु कर दी गई है. प्रारंभिक जांच में मामला पशु तस्करी से जुड़ा बताया गया.
ढाई घंटे बाद जागी पुलिस
स्थानीय रहवासियों के अनुसार दुर्घटना भोर के समय लगभग 4 बजे हुई थी. लेकिन पुलिस को वहां तक पहुंचने में तकरीबन साढ़े 6 बज गए. इतना ही नहीं बल्कि दुर्घटना के चलते बुरी तरह घायल भैंसों के उपचार के लिए किसी पशु चिकित्सक को भी मौके पर बुलाने की जहमत नहीं उठाई गई.जिसे देखते हुए स्थानीय रहवासियों के बीच आक्रोश पनपने लगा. लोगों ने मांग की कि न सिर्फ इस मामले में फरार चालक और व्यापारी को गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाए बल्कि पशु तस्करी के पूरे नेटवर्क की जांच करते हुए उसे समाप्त किया जाए.
     आधा दर्जन से अधिक वाहन निकले
स्थानीय रहवासियों की मानें तो बरौंधा, हनुमान धारा बाईपास, गुप्त गोदावरी बाईपास, पिण्डरा रोड और सेमरिया मार्ग जैसे अन्य रास्ते पशु तस्करों के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय हैं. पशुओं से लदे वाहन चाहे शहडोल से आएं अथवा जबलपुर की ओर से, सभी इन्ही रास्तों से होकर सीमा पार करते हैं. ऐसा भी नहीं है कि संबंधित थानों की पुलिस को इन मामलों की जानकारी नहीं होती. लेकिन व्यवस्थागत कडिय़ां कुछ इस तरह से जुड़ी हुई होती हैं कि थाना स्तर पर सक्रिय दलालों द्वारा पहले से ही वाहनों की जानकारी साझा कर दी जाती है. इस अघोषित समझौते की वजह से पशुओं से लदे वाहन बेरोकटोक बार्डर पार चले जाते हैं. साथ ही यह जानकारी भी सामने आई कि मंगलवार-बुधवार कर दरमियानी रात पशुओं से लदे आधा दर्जन से अधिक वाहनों ने बार्डर पार किया. यह सब कुछ गुपचुप तरीके से हो गया होता यदि एक कंटेनर बटोही मोड़ के पास नहीं पलटता.

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