उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर के सामने वर्षों से रुके सौंदर्यकरण एवं विकास कार्य अब गति पकड़ चुके हैं. पहले राजनीतिक हस्तक्षेप, कोर्ट के मसले और प्रभावशाली लोगों की अड़चनों से कार्य रुके थे, लेकिन अब सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने बिना किसी दबाव के काम शुरू कर दिया हैं. पहले जो लोग धरना-प्रदर्शन कर विरोध जता रहे थे, अब वही लोग सहयोग करने लगे हैं. मंदिर के 500 मीटर दायरे में निर्माण पर लगी रोक हटने के बाद स्थानीय निवासी भी चौड़ीकरण के लिए तैयार हैं.
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महाकाल मंदिर के आसपास अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं. उन्होंने बताया कि ड्राइंग और डिजाइन के अनुसार कार्य युद्ध स्तर पर किए जा रहे हैं. आस्था के इस केंद्र के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा, अवैध अतिक्रमण हटाने, मरम्मत और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए योजनाएं बनाई गई हैं.परचुरे भवन और व्यास भवन जैसे कुछ कोर्ट मामलों को छोड़कर बाकी कार्य 5 जून के बाद तेजी से शुरू होंगे। सिंहस्थ के मद्देनजर पर्यटन, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा देने वाले प्रकल्पों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
