अमेरिका में स्थानीय चुनावों में तीन भारतीय मूल के व्यक्तियों ने लहराया जीत का परचम

न्यूयॉर्क, 05 नवंबर (वार्ता) अमेरिका में स्थानीय चुनावों में तीन भारतीय-मूल के व्यक्तियों ने जीत का परचम लहराया है।
स्थानीय चुनावों के बुधवार को घोषित हुए नतीजों में जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क शहर और आफताब प्यूरवल सिनसिनाटी शहर के मेयर चुने गये हैं जबकि गजाला हाशमी वर्जीनिया की लेफ्टिनेंट गवर्नर चुनी गयी हैं।
जोहरान ममदानी (34 वर्ष) न्यूयॉर्क शहर के मेयर पद का चुनाव जीतने वाले पहले भारतीय मूल के मुसलमान हैं। उन्होंने न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को भारी मतों से हरा कर यह इतिहास रचा है। डेमोक्रैट पार्टी उम्मीदवार श्री ममदानी को कुल मतों का 50.4 प्रतिशत मत हासिल हुआ, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी श्री कुओमो केवल 41.4 प्रतिशत मत ही हासिल कर पाये।
श्री ममदानी गुजाराती-मूल के पिता महमूद ममदानी और मशहूर फिल्मकार मीरा नायर के बेटे हैं। उनका जन्म युगांडा में हुआ था, जहाँ उनके प्रोफेसर पिता कार्यरत थे। वह फिलहाल न्यूयॉर्क राज्य के विधान सभा के सदस्य हैं। न्यूयॉर्क के सिटी हॉल में अपने जीत का जश्न मनाते हुए उन्होंने कहा, “राजनीतिक अंधकार के इस क्षण में, न्यूयॉर्क एक रोशनी की तरह होगा।” उन्होंने अमेरिका में फैले नस्लवादी जहर पर स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि वह युवा हैं, डेमौक्रैट सोश्लिस्ट है, एक मुसलमान हैं। उन्होंने कहा, “और इनमें से कुछ भी होने के लिए मैं माफी नहीं मांगूगा।”
यह डेमौक्रैट नेता अपने पूरे राजनीतिक करियर में समाज के निचले तबकों की चिंताओं का आवाज देता रहा है। वह अमेरिका के इस सबसे महंगे शहरों में से एक में अपने चुनावी अभियान के दौरान लगातार सस्ता किराया, मुफ्त सार्वजनिक परिवहन, सबके लिए घर और अमीरों पर अधिक कर लगाने की वकालत करते रहें। उनकी जीत में स्थानीय यहूदियों ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। उन्होंने अपनी इस जीत को न्यूयॉर्क की विविधता और प्रवासी सपनों की जीत बतायी।
ओहायो प्रांत में सिनसिनाटी शहर में डेमोक्रैट उम्मीदवार आफताब प्यूरवल ने लगातार दूसरी बार मेयर का चुनाव जीत कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने अमेरिका के उप-राष्ट्रपति के सतौले भाई और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार कोरी बोमन को हरा कर यह जीत हासिल की।
श्री प्यूरवल(43 वर्ष) ने अपनी जीत पर कहा, “यह जीत उन हर प्रवासी परिवार की जीत है जिसने अमेरिकी सपने पर भरोसा रखा।” इनेक पिता देविंदर सिंह प्यूरवाल पंजाबी सीख हैं, जबकि मां ड्रीनको प्यूरवल तिब्बती मूल की हैं।
वर्जीनिया में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार ग़ज़ाला हाशमी ने पहली भारतीय-मूल और पहली मुस्लिम महिला लेफ्टिनेंट गवर्नर बनने का गौरव हासिल किया।
सुश्री हाशमी का जन्म हैदराबाद में हुआ था और वे 1970 के दशक में अमेरिका आई थीं। उनकी जीत का प्रमुख कारण महिलाओं और अप्रवासियों में उनकी लोकप्रियता है। राजनीतिक विश्लेषकों ने उनकी जीत को वर्जीनिया में एक नये राजनीतिक अध्याय की शुरूआत बताया।

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