सतना: स्वरोजगार स्थापना की पहल की सतना-मैहर जिले में यह स्थिति है कि अधिकारियों ने तमाम प्रयासों के बावजूद अभी तक बैंकों में 1823 आवेदन लक्ष्य से कम पहुंचे हैं. दूसरी तरफ बैंकों का भी इस मामले में जो रुख सामने आया है उसमें 8950 भेजे गये आवेदनों में तकरीबन 50 फीसदी यानी 4969 बिचाराधीन हैं.
इस बात का खुलासा सोमवार को संभागायुक्त बी.एस जामोद की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया.
इस मौके पर सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, मैहर कलेक्टर रानी बाटड, आयुक्त नगर निगम शेर सिंह मीना, सीईओ जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, संयुक्त संचालक रीवा श्री मालवीय, एकेएस विश्वविद्यालय के प्रो. कुलपति डॉ. हर्षवर्धन श्रीवास्तव, एलडीएम गौतम शर्मा, एसबीआई और मध्यांचल ग्रामीण बैंक के जीएम तथा नोडल बैंकों के अधिकारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे. बैठक के दौरान कमिश्नर रीवा संभाग श्री जामोद ने कहा कि शासकीय स्वरोजगार की योजनाओं के माध्यम से थोडी सी आर्थिक मदद कर हितग्राहियों सहित पूरे परिवार का जीवन स्तर सुधारा जा सकता है।
स्वरोजगार से जुडे विभागों के अधिकारी और बैंकर्स हितग्राहियों को स्वरोजगार दिलाने संवेदनापूर्वक सकारात्मक भाव से कार्य करें। सतना और मैहर जिले में विभिन्न स्वरोजगार की योजनाओं में 10 हजार 773 हितग्राहियों के लक्ष्यानुसार अब तक विभागों द्वारा 8950 हितग्राहियों के प्रकरण तैयार कर बैंकों को प्रेषित किये गये हैं। जिनमें 3981 प्रकरणों में स्वीकृति प्रदान की गई है। कमिश्नर ने बैंकों में स्वीकृति के लिए लंबित प्रकरणों के कारणों की जानकारी ली और बैंकों को लक्ष्य के अनुरूप 15 नवम्बर तक स्वीकृति प्रदान कर वितरण की स्थिति में लाने के निर्देश भी दिये।
