
खण्डवा। पुनासा विकासखण्ड के ग्राम सक्त्तापुर निवासी राजेश के 3 वर्षीय पुत्र देवांश के गले में पिछले 6 दिनों से एक सिक्का फंसा था। इसकी जानकारी परिवार में किसी को भी नहीं थी।
एक दिन बच्चे को अचानक उल्टी हुई और बच्चे की स्थिति अत्यधिक गंभीर हो गई।
आहार नली में
फंसा था सिक्का
माता-पिता देवांश को लेकर जिला चिकित्सालय खंडवा के ई.एन.टी. विभाग में आए, जहां नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील बाजोलिया ने उसे देखा तथा एक्स-रे एवं अन्य जांच करवाई, तो एक्स-रे रिपोर्ट में पता चला कि खाने की नली के बीच वाले भाग में एक सिक्का फंसा हुआ है।
दूरबीन पद्धति
से किया ऑपरेशन
सिक्का लगभग 7 दिनों से फंसा होने के कारण दूरबीन पद्धति से ऑपरेशन करना खतरे से कम नहीं था। डॉक्टर बाजोलिया एवं उनकी टीम ने दूरबीन पद्धति से बच्चे के गले से सिक्का बाहर निकाला। सिविल सर्जन डॉ. अनिरूद्ध कौशल ने बताया कि बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे आज डिस्चार्ज कर दिया गया है।
