
नई दिल्ली, 05 नवम्बर 2025: देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मंगलवार (4 नवंबर 2025) से वोटर आईडी सत्यापन के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR 2.0) प्रक्रिया शुरू हो रही है। इनमें पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल हैं। SIR का प्राथमिक उद्देश्य मतदाता सूची से अपात्र नामों को हटाना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची में शामिल होने से छूट न जाए। यह अभियान दो दशकों बाद एक बार फिर शुरू किया गया है।SIR 2.0 प्रक्रिया के तहत, बूथ लेवल अधिकारी (BLO) 4 नवंबर 2025 से मतदाता के घर-घर जाकर एनुमरेशन फॉर्म बाँटने का काम शुरू कर देंगे। संबंधित बीएलओ तीन बार लोगों के घर जाएँगे। ये फॉर्म 4 दिसंबर 2025 को जमा किए जाएँगे। इस प्रक्रिया के आधार पर, निर्वाचन आयोग 9 दिसंबर को मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी करेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2025 को किया जाएगा।इस बार की सत्यापन प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि बिहार की तरह केवल आधार कार्ड मान्य नहीं है। आयोग ने सत्यापन के लिए कुल 13 दस्तावेज ज़रूरी किए हैं, जिनमें बर्थ सर्टिफिकेट, 10वीं का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, सरकारी जमीन के कागजात, जाति प्रमाण-पत्र और मूल निवास प्रमाण-पत्र शामिल हैं। आयोग का एक दल इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए 5 से 8 नवंबर तक पश्चिम बंगाल का दौरा भी कर सकता है, जहाँ अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
