
ग्वालियर। कीटनाशक के छिडक़ाव से बनी जहरीली गैस से चार साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई जबकि उसकी बहन, मां-पिता बेहोश हो गए। जिन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। घटना सोमवार को गोला का मंदिर प्रीतम विहार कॉलोनी की है।
बताया जा रहा है कि यहां एक मकान के पोर्च में भरे गेहूं को घुन से बचाने के लिए मकान मालिक ने सल्फास से बने कीटनाशक का छिडक़ाव कर दिया था। फिर घर के सारे दरवाजे बंद कर दिए थे।
पोर्च के सामने दो कमरों में किराए से रहने वाला परिवार इस कीटनाशक से बनी जहरीली गैस का शिकार हो गया। मकान मालिक तीसरी मंजिल पर रहता था।
सोमवार दोपहर के समय जब मकान मालिक नीचे आया तो काफी बदबू फैली हुई थी। उसने देखा कि उसके घर में किराए से रहने वाले परिवार में चार साल का मासूम, उसकी बहन, मां-पिता बेहोश पड़े थे। जिसके बाद उसने पड़ोसियों की मदद से सभी को हॉस्पिटल पहुंचाया। यहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि उसकी बहन, मां-पिता का इलाज चल रहा है। घटना के बाद फॉरेंसिक एक्सपर्ट अखिलेश भार्गव भी स्पॉट पर पहुंचे। इधर, पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है।
भिंड के मालनपुर टूडीला गांव के रहने वाले सत्येन्द्र शर्मा ग्वालियर के महाराजपुरा इंडस्ट्रियल एरिया में एक फैक्ट्री में कर्मचारी है। सत्येन्द्र अभी ग्वालियर के गोला का मंदिर इलाके में प्रीतम विहार कॉलोनी में श्रीकिशन यादव के मकान में किराए से रहते हैं।
सत्येन्द्र के परिवार में पत्नी रजनी, छोटी बेटी छाया 13 व बेटा करुआ उर्फ वैभव शर्मा 4 साल रहते है। जिस मकान में यह परिवार रहता है। वह तीन मंजिला है। किराएदार नीचे ग्राउंड फ्लोर पर रहते हैं, जबकि मकान मालिक तीसरी मंजिल पर रहते हैं।
मकान के पोर्च में 30 बोरी गेहूं रखा हुआ है। जिस पर गत रात को मकान मालिक ने काफी मात्रा में कीटनाशक का स्प्रे किया था, ताकि गेहूं में घुन नहीं लगे। ऐसा बताया गया है कि सोमवार दोपहर जब मकान मालिक श्रीकिशन यादव तीसरी मंजिल से नीचे उतरे तो किराएदार का पूरा परिवार बेहोश पड़ा हुआ था।
अंदर पोर्च से लेकर नीचे के पूरे कमरों में तेज बदबू फैली हुई थी। जिस पर तत्काल उन्होंने गेट खोले और किराएदार के बेटे को लेकर तीसरी मंजिल पर हवा में लेटा दिया, जबकि आसपास के लोगों की मदद से सत्येन्द्र, उनकी पत्नी रजनी व बेटी छाया को तत्काल हॉस्पिटल पहुंचाया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
जब घर के तीनों बड़ों को हॉस्पिटल पहुंचाने के बाद पड़ोसी बच्चे की हालत देखने के लिए तीसरी मंजिल पर पहुंचे तो मासूम वैभव एक कमरे में चादर से लिपटा हुआ मृत पड़ा था। ऐसा लग रहा था, जैसे मासूम गहरी नींद में है। उसे भी परिजन तत्काल हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चे का शव निगरानी में लेकर मर्ग कायम कर लिया है।
बताया गया है कि वैभव सत्येन्द्र का इकलौता बेटा था। पांच बेटियों के बाद कई मंदिरों में मन्नत मांगी, तब जाकर 46 साल की उम्र में सतेन्द्र को बेटा हुआ था। सत्येन्द्र की दो बेटियों की बचपन में ही मौत हो गई थी। दो बड़ी बेटी भारती और दीपा की शादी हो चुकी है। सबसे छोटी बेटी छाया उनके साथ रहती है।
सीएसपी मुरार अतुल कुमार सोनी ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
