
हरपालपुर। नगर परिषद हरपालपुर पर वित्तीय अनियमितता और कर्मचारियों की लापरवाही के आरोप लगे हैं। पूर्व पार्षद मातादीन अहिरवार और राजेंद्र जंगरिया ने कहा कि परिषद में वर्षों से एक ही जगह पदस्थ कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि कई कर्मचारी ड्यूटी के समय अनुपस्थित रहते हैं, फिर भी नियमित वेतन प्राप्त कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों कौशल तिवारी, विनोद वर्मा और महेश राय ने बताया कि नगर परिषद को हर साल करोड़ों रुपये का बजट मिलता है, लेकिन विकास के नाम पर शहर में कोई ठोस काम नजर नहीं आता। ठेकेदारों और सफाई कर्मियों का भुगतान अक्सर बजट की कमी बताकर रोक दिया जाता है।
पूर्व पार्षदों ने परिषद में की गई कुछ नियुक्तियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पारदर्शिता की जांच जरूरी है। उधर, नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों और बजट से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए शीघ्र ही परिषद की बैठक बुलाई जा रही है।
