
दमोह.मप्र के पूर्व मंत्री व प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख मुकेश नायक ने दमोह में अपने निज निवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंगलवार को ईसाई मिशनरी व गंगा जमुना संस्थान के पक्ष में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. इस अवसर पर प्रदीप खटीक, रजनी ठाकुर, संजय चौरसिया मौजूद रहे.उन्होंने उपचार के अभाव में हुई मौतों के लिए भी सरकार को कठघरे में खड़ा किया. कहा संस्था गंगा जमुना व डॉक्टर अजय लाल पर धर्मांतरण का आरोप लगाना तो बहाना है.अस्पताल बंद होने के बाद डायलिसिस न हो पाने के से 30 लोगों की मौत हो गई.मुकेश नायक ने आरोप लगाए कि मिशन अस्पताल को टारगेट करके एक सोची समझी साजिश के तहत बंद किया गया है, जबकि इसमें अस्पताल की कोई गलती नहीं थी. अस्पताल बंद होने के बाद डायलिसिस न हो पाने के चलते 30 लोगों की मौत हो गई. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान 12 महिलाओं की मौत हो गई थी. जिला अस्पताल और मिशन अस्पताल में हुई इन मौतों का जिम्मेदार कौन है.
दमोह जिस तरह की राजनीति से गुजर रहा है वह किसी से छिपी नहीं है. जब कांग्रेस छोड़कर राहुल सिंह बीजेपी में गए और चंद्रभान सिंह भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए तो दमोह की दमदार जनता ने उन्हें भी नकार दिया. दोनों ही आयाराम, गयाराम की संस्कृति को दमोह की साहसी जनता ने नकार दिया.
उन्होंने कहा अजय लाल और उनकी संस्था पर धर्मांतरण के जो आरोप लगाए गए हैं. वह सरासर झूठ हैं. आरटीआई के तहत जो जानकारी निकल कर आई है,उसमें शासन ने स्वीकार किया है कि दमोह में 20 साल में एक भी धर्मांतरण नहीं हुआ है. देश में डर का माहौल है जो व्यक्ति सरकार के खिलाफ बोलता है उसे झूठे केस में फंसा दिया जाता है. ईडी, सीबीआई और कई संस्थाएं सरकार के हथियार हैं.
