नदी में गिरी कार में ही मिली कांस्टेबल आरती पाल की लाश

उज्जैन। आखिरकार वही हुआ, जिसका डर पिछले तीन दिनों से पुलिस महकमे और शहरवासियों को था। शनिवार रात शिप्रा नदी में बड़े पुल से गिरने वाली सफेद कार (अमेज) से मंगलवार को कांस्टेबल आरती पाल का शव बरामद कर लिया गया। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में पुल से करीब 70–80 फीट दूर गहराई में फंसी मिली। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, होमगार्ड, नगर निगम और शिप्रा तैराक दल की टीमें लगातार सर्चिंग कर रही थीं।

दरअसल बीते शनिवार को अनंतचतुर्दर्शी पर भगवान गणेश विसर्जन का दौर चल रहा था, रात लगभग 9:30 बजे सफेद अमेज कार जिसे कांस्टेबल आरती पाल चल रही थी वह अचानक क्षिप्रा नदी के बड़े पुल से नदी में गिर गई ,जिसमें टीआई अशोक शर्मा और एस आई मदनलाल निनामा भी थे, पिछले 68 घंटे से लगातार सर्चिंग ऑपरेशन चल रहा था दो पुलिसकर्मी की बॉडी पहले ही मिल चुकी थी वहीं मंगलवार को उक्त कार मिली और कांस्टेबल आरती पाल मृत अवस्था मे कार में ही पाई गई ।

तीन दिन तक चलती रही तलाश

हादसे में तीन पुलिसकर्मी शामिल थे

रविवार को सबसे पहले उन्हेल में पदस्थ टीआई अशोक शर्मा का शव बरामद हुआ। उन्हें पुलिस सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।सोमवार को शिप्रा से एसआई मदनलाल निनामा का शव निकला, जिन्हें रतलाम जिले के सैलाना ले जाकर पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया गया।मंगलवार को अंततः कार भी मिल गई और उसमें से कांस्टेबल आरती पाल मृत अवस्था में पाई गईं।

पुलिस महकमे में शोक की लहर

शव की पहचान होते ही पूरे पुलिस महकमे में मातम छा गया। एसपी प्रदीप शर्मा ने नवभारत से चर्चा में बताया कि कार जिस स्थान पर पुल से गिरी थी, वहां से कुछ दूरी पर गहरे गड्ढे में फंसी हुई मिली। सबसे पीड़ादायक दृश्य यह था कि आरती पाल कार की सीट पर ही मृत अवस्था में थीं।

परिजनों का विलाप, अधिकारियों की आंखें नम

जैसे ही कांस्टेबल आरती पाल के परिजन व पिता मौके पर पहुंचे, चारों ओर रुदन का माहौल बन गया। महिला कांस्टेबल के बलिदान ने हर किसी को गहरे दुख में डाल दिया। घटना स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों से लेकर अधिकारी तक सबकी आंखें नम हो गईं।

सरकारी मदद की उठी मांग

 

टीआई और एसआई के मामले में परिजनों को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद जताई गई है। वहीं अविवाहित कांस्टेबल आरती पाल की मृत्यु से सबसे बड़ा सवाल उनकी मां और पिता की देखभाल और भविष्य की सुरक्षा का है। शहरवासी मांग कर रहे हैं कि सरकार पाल के माता पिता को आर्थिक सहायता प्रदान करे और जीवनभर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करे।

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