‘ऑपरेशन प्रहार ’ पाठ्यक्रम में आईजी की पाठशाला

विंध्य की डायरी

डा. रवि तिवारी

समूचे विंध्य को नशे ने बुरी तरह से जकड़ लिया है. युवा नशे की चपेट में आ चुका है. नशे को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिये दृढ़ संकल्पित रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने पुलिस कर्मियों की पाठशाला लगाई. ‘आपरेशन प्रहार 2.0’ के पाठ्यक्रम पर विस्तार से चर्चा की. यह पाठशाला कई रूपो में बेहद महत्वपूर्ण रही, जिसमें चेतावनी, नसीहत, सहानभूति भी थी और एक संदेश भी छिपा था. नशे के कारोबार में लिप्त पुलिस कर्मियों के लिये एक चेतावनी थी, सम्भल जाओ नही तो बक्शे नही जाओगे. इसके साथ ही उन्होने मंच से ही बताया कि मेरे पास उन पुलिसकर्मियों की सूची है जो तालाब को गंदा करने वाली मछलियों की तरह है.

अगर यह सूची सार्वजनिक की गई तो उनके परिवार को भी लज्जित होना पड़ेगा. आईजी ने कहा सुधर जाओ वरना अपने हश्र के जिम्मेदार खुद होगें. 15 दिन का अल्टीमेटम भी सख्त लहजे में दिया गया, थाना प्रभारियों को भी चेताया. आईजी ने अपनी पाठशाला में साफ संदेश दिया जो हुआ सो हुआ अब लापरवाही बर्दाश्त नही होगी. थाना क्षेत्र को मेडिकल नशे से मुक्त करना पड़ेगा. उन्होने ‘आपरेशन प्रहार 2.0’ अभियान में परिश्रम की आहूति का आव्हान किया ताकि विंध्य क्षेत्र को नशे से मुक्त कराया जा सके. आईजी की यह दरियादिली ही कहेगें जो एक बार पुलिस कर्मियों को सम्भलने का मौका दिया है. अब नशे से जुड़े पुलिसर्मियों को आत्मचिंतन मंथन कर अवैध नशे के खिलाफ बज्र बन जाना चाहिये. क्योंकि उनके मुखिया आईजी ने पश्चाताप का एक सुनहरा अवसर दिया है.

सांसद की खरी-खरी

रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा की खरी-खरी बात सुर्खिया बन जाती है. बिना किसी लाग लपेट के भले ही किसी को बुरा लगने वाली बात भी हो, उसे ईमानदारी से सांसद मंच से बोल देते है. जबकि कही हुई बात का उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नही बल्कि एक संदेश देना होता है. बगैर घुमा फिरा के सीधे सच्ची बात सांसद कह देते है और फिर सियासत का रंग दिया जाता है.

दरअसल मध्य प्रदेश स्थापना दिवस समारोह मऊगंज में सांसद जनार्दन मिश्रा ने मंच से सम्बोधित करते हुए कहा कि आज सिर्फ लडक़े ही नही लड़कियां भी नशे की ओर बढ़ रही है. इस समस्या को आईजी-एसपी, सांसद-विधायक खत्म नही कर सकते. इसके लिये अभिभावको को बच्चो के साथ बैठकर बात करनी होगी. यह बात कहने के पीछे उनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना था. अब सवाल यह उठता है कि यही बात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कही थी महिलाएं शराब पीती है जिसके बाद पूरे प्रदेश में हंगामा खड़ा हो गया, अब वही बात सांसद ने भी कही है. लेकिन कांग्रेस इस मामले में चुप्पी साधे है !

गुढ़ विधायक की चिट्ठी से मची खलबली

स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर बीजेपी विधायक ने मोर्चा खोल दिया है. प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य विभाग के मुखिया राजेन्द्र शुक्ला के गृह जिले के गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह ने सीएमएचओ की अनियमितता को लेकर सीएम डा. मोहन यादव से शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. विधायक की नाराजगी और लिखी चिट्ठी के बाद स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है.

सीएमएचओ की कार्यशैली पर सवाल उठाने के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली के लिये जिम्मेदार बताया है. अब राजनीतिक एवं प्रशासनिक गलियारे में इस बात के लिये हड़कंप मचा हुआ है कि सत्ताधारी दल के विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाई है. हालाकि सीएमएचओ पर जिस तरह के आरोप लगे है वह कोई नई बात नही है. सवाल यह उठता है कि इस पत्र के पीछे असल वजह क्या है? और निशाना किसी के बहाने किसी और पर लगाया गया है.

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