जबलपुर: महाकोशल के सबसे बड़े अस्पताल कहे जाने वाले मेडिकल कॉलेज में खून की दलाली करते हुए दो हजार रूपए ऐंठने वाले दलालों के खिलाफ गढा पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही तीन दलालों को गिरफ्तार कर लिया जिन्हें रविवार को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक अरविंद सिंह पिता शिवपाल सिंह 40 वर्ष निवासी परसवाडा कालोनी धनवन्तरी नगर ने रिपोर्र्ट दर्ज कराई कि उसकी गर्भवति पत्नि अंजू सिंह का स्वास्थ्य खराब होने के कारण एक नवम्बर को इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल जबलपुर में भर्ती कराया था जो स्त्री रोग विभाग में भर्ती है। पत्नि को इलाज के दौरान खून की आवश्यकता हुई डाक्टर ने बताया कि ब्लड लगेगा वह ब्लड के लिये मेडिकल स्थित ब्लड बैंक गया खून की आवश्यकता के लिये पर्ची कटाने के लिये समय दोपहर करीब 4 बजे ओपीडी मेडिकल अस्पताल जबलपुर गया जहां उसे अंशुल अवस्थी (गोलू) मिला और बोला कि यहां ब्लड नहीं मिलेगा सरकारी ब्लड लेने में 4-5 दिन लग जायेंगे मैं आपको ब्लड दिलवा देता हूँ।
ब्लड बैंक से ब्लड लेने के लिये ब्लड डोनर जो भर्ती मरीज का कोई रिश्तेदार लगता है उसके पास कई ब्लड डोनर है जो आपके साथ ब्लड बैंक जाकर ब्लड डोनेट कर देंगे व उस ब्लड के बदले ब्लड बैंक से अपनी पत्नि के लिये ब्लड मिल जायेगा इसके लिये 2000 रुपये देने पडेंगे ब्लड डोनर को भी रुपये देने पड़ते है तब अंशुल अवस्थी (गोलू) को 2000 रुपये दिये तो बोला कि मैं ब्लड डोनर को लेकर 10 मिनट में आ रहा हूँ ब्लड बैंक के सामने ही मिलो और वहां से चला गया काफी देर तक उसका इंतजार किया लेकिन वह नही आया। अंशुल अवस्थी उर्फ गोलू ने ब्लड दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर 2000 रुपये लिये।
इन्हें भेजा जेल
गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न कुमार शर्मा ने बताया कि खून की दलाल मामले में पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर अंशल अवस्थी उर्फ गोली, एन्ड्रुय जॉर्ज उर्फ इधर उधर, जॉनसन फ्रासिस को गिरफ्तार किया। तीनों को रविवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
बड़ा रैकेट है सक्रिय, कई हो सकते है बेनकाब
जरूरतमंदों को ब्लड बेचने बेचने वाला बड़ा रैकेट सक्रिय है। पूर्व में भी कई दलाल पकड़े जा चुके है। ब्लड बैंक से खून दिलाने के नाम पर दलाल जरूरतमंदों से मोटी रकम ऐंठते है। इस रैकेट में अस्पताल कर्मियों की मिलीभगत की आशंका है। जिसकी भ्ीा जांच पड़ताल चल रही है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जिसमें कई और चेहरे बेनकाब हो सकते है। साथ ही मास्टरमाइंड का भी पता चल सकता है।
ऐसे चलता है खून का धंधा
मेडिकल में दलालों की गैंग जरूरतमंद को जिस ब्लड की जरूररत होती है उस ब्लड गु्रप वाले व्यक्ति को कॉल करके बुलाते है। अस्पताल में क्रॉस मैच और टेस्ट होने के बाद डोनर बनकर पहुंचा व्यक्ति ब्लड देता है और बदले में दलाल रकम ऐंठते है। यह बात भी सामने आ रही है कि दलाल अपने इलाकों में रहने वाले लोगों से लेकर दोस्तों, करीबियों का ब्लड कौन सा है इसकी लिस्ट बनाकर रखते है। जिस ब्लड की जरूरत होती है संबंधित को बुलाते है इसके बाद व्यक्ति ब्लड देता है जिसके एवज में उसे भी पैसे दिए जाते है। बड़ी रकम दलाल रख लेते है।
